Monday, June 15, 2020

तनाव...आत्महत्या...क्यो...☺️

तनाव के उन क्षणों में मजबूत से मजबूत लोग भी टूट जाते हैं और आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेते हैं..

वो लोग जिनके पास सब कुछ है ...
शान ... शौकत ... रुतबा ... पैसा .. इज्जत
लेकिन मानसिक तनाव कोई भी कम नहीं कर पाता..
ऐसी परिस्तिथियों में इंसान इतना घबरा जाता है कि उसे जीवन से आसान मृत्यु नज़र आती है...इंसान इतना कमजोर तो नहीं.. इतने भौतिक सुख के बावजूद अकेले पढ़ जाते है....और इनमें से कुछ भी उन्हें नहीं रोक पाता .. 

तो फिर क्या कमी रह जाती है ???

कमी रह जाती है उस ऊँचाई पर
एक अदद सच्चे दोस्त की

कमी होती है उस मुकाम पर
 एक अदद राजदार की,शुभचिंतक की

एक ऐसे दोस्त की जिसके साथ "चांदी के ग्लासों" में   ...महंगी शराब नही...
....किसी छोटी सी चाय के दुकान पर बैठ
सकते ..हो और दिल की बात बेझिजक कह सकते हो
जो उन्हें बेतुकी बातों से जोकर बन कर हंसा पाता ...

वह जिससे अपनी दिल की बात कह हल्के हो सके..
वह जिसको देखकर
अपना स्ट्रेस भूल सके
वह दोस्त
वह यार
वह राजदार
वह हमप्याला
उनके पास नहीं होता
जो कह सके तू सब छोड़ ... चाय पी मैं हूं ना तेरे साथ ...
और आखिर में
यही मायने कर जाता है...

सारी दुनिया की धन दौलत
एकतरफ...सारा तनाव एक तरफ ..

वह दोस्त वह एक तरफ !!!

लेकिन अगर आपके पास
वह दोस्त है
वह यार है

तो कीमत समझिये उसकी...

चले जाइए एक शाम उसके साथ
चाय पर ...

जिंदगी बहुत हसीन बन जाएगी...... 

याद रखिए आपके तनाव से यदि कोई लड़ सकता है तो वो है आपका दोस्त और उसके साथ की एक कप गर्म चाय भी बचा सकती है आपकी ज़िंदगी...
भूल जाये सब कुछ तोड़े वो सीमा जहां ये भय न हो कि लोग क्या कहेंगे...
सच्चा मित्र "लोग" नहीं होता बल्कि वो सिर्फ आपका ही  एक रूप होता है।
एक सच्चा दोस्त...जीवन मे ज़रूर रखे..
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