Sunday, October 17, 2021

ॐ .........ध्यान....

 इस ब्रह्माण्ड में एक ही ध्वनि गूंज रही है। उसको नाद कहा जाता है ‘अनहद नाद’। उस ब्रह्म नाद को जब हम सुनते हैं, उसका उच्चारण करते हैं तब ऊर्जा हमारे अंदर उतरने लगती है। यह ध्वनि है ओ३म्‌ की, जिसे किसी ने बनाया नहीं है, यह तो ब्रह्माण्ड में लगातार गूंज रही है। इसका हम जितना लगातार उच्चारण करते हैं, उससे शांति, शक्ति, समृद्धि, सकारात्मकता का विकास होता है तथा नकारात्मक विचारों का नाश होता है। ओ३म्‌ ईश्वर से एक करता है।

जब उससे एक हो जाएंगे तो वृद्धि अवश्य होगी। मन को साधिए। अपने आप को व्यर्थ की बातों में उलझाकर अपनी जिंदगी को व्यर्थ न करें। निराशा में मन को न उलझाएं, नहीं तो ऊर्जा का नाश होता रहेगा।

परमात्मा ने आपको एक मकसद से भेजा है। अपने आप को पहचानने का प्रयास कीजिए। आप स्वयं भगवान को पा सकते हैं। बस अपने कदम, अपनी ऊर्जा को अंदर केन्द्र की तरफ मोड़िए। परमेश्वर अंदर ही हैं। तीर्थों का तीर्थ हमारे भीतर ही है। उसमें भीतर प्रवेश करना है, जहां अमृत का झरना बह रहा है। वह आपको पाना है ध्यान द्वारा। ध्यान की तरफ हमें कदम बढ़ाने हैं। ध्यान की ओर चलना तभी संभव होगा, जब आपका हर कृत्य शांति के साथ होगा। एक साधक की पहचान शांति से होती है। तो शांति सूचक है आपकी आंतरिक दशा की। जब आप बाहर से उलझना बंद कर देंगे तब आपके व्यक्तित्व में निखार आता है। जीवन के हर क्षण में जीवंत रहना सीख लीजिए। इससे जो धारा सूख गई है वह प्रवाहित होने लगेगी। परमात्मा की अनुभूति होने लग जाती है। ध्यान की क्रियाओं का क्रम बनाकर यदि लगातार अभ्यास करेंगे तो जब आप नेत्र बंद करके बैठेंगे तो शांति आनी शुरू हो जाएगी। ओ३म्‌ की ध्वनि सहज रूप से सुनाई देने लग जाएगी। यही परम अवस्था है।

जब सिर्फ शब्द बोलते हैं तो परमात्मा नहीं सुनता। हृदय को परमेश्वर से जोड़े रखिए। हर समय आपका ध्यान उसी ईश्वर में लगा रहे। 24 घंटे आप उसी के रंग में रंगे रहें। आप एक कदम बढ़ाएगें तो परमेश्वर चार कदम आगे बढ़कर आपका हाथ थामेगा।✨🌀👁🌀✨

हरी ॐ नमों नारायण ~ ॐ नमः शिवाया ~ शिवोहम शिवोहम ✨❤️✨साभार: आदियोगी

Saturday, October 16, 2021

 *HOW TO INCREASE POSITIVE ENERGY IN    OUR HOUSE*


*1.* Open all windows in the house and allow fresh air and sunshine to enter the house. Free flow of air and sun rays are negative energy remover


*2.* Dispose of all the old unwanted things lying in the house. Clutter is a negativity magnet. It attracts and accumulates negative energy in the house.


*3.* Walking barefoot in the house helps all your negative energy to be absorbed by the earth. 

Grounding is important to keep the energy balance in our body. 


*4.* In olden days, foot- wears were kept out of the house. People used to enter the house only after washing their feet with water. This action ensures that all the negativity remains outside or are grounded by earth and does not enter the house. Now it has become difficult to keep the footwear outside. So preferably remove them near the entrance door.


*5.* Go out in the open air. Take walks in the garden or open ground. Being amongst nature re-energizes or charges you fully.


*6.* Sweeping the floor also ensures that the negative energies are shaken and moved out with the dirt.


*7.* Rock salt is another negativity remover. Wash or mop your floor with a fistful rock salt in a bucket of water. This ensures that every nook and corner of the house is rid of negative energy.


*8.* Potted plants or trees around your house or society also ensures more positive energy in the house and area. 


*9.* Bathing or Soaking your legs and hands in rock salt water once in a while removes the negativity attached to your body and cleanse your aura.


*11.* Repetition of Prayers,  increases the positive vibrations in the house. 100%


*12.* Keep your thoughts, action and speech Positive. Negative thoughts will bring in negative vibes. So avoid all negative thoughts, speech and actions. 


*13.* Keep your house well lit and illuminated. Light removes negativity. 


*14.* Keep faith in God and in yourself. You are the Creator of your own destiny by the Choices you make.


*STAY HAPPY STAY BLESSED*


All should live happily....

Thursday, September 9, 2021

लम्हे...वक्त

 ज़िन्दगी से लम्हें चुरा......बटुए मे रखता रहा...…!

फुरसत से खरचूंगा.....बस यही सोचता रहा.....!


उधड़ती रही जेब.....

करता रहा तुरपाई.....

फिसलती रही खुशियाँ......

करता रहा भरपाई....!


इक दिन फुरसत पायी........

सोचा.......खुद को आज रिझाऊं.....

बरसों से जो जोड़े.....वो लम्हे खर्च आऊं....!


खोला बटुआ....लम्हे न थे.....जाने कहाँ रीत गए....

मैंने तो खर्चे नहीं......

जाने कैसे बीत गए.......!


फुरसत मिली थी सोचा.....खुद से ही मिल आऊं.....

आईने में देखा जो..पहचान  ही न पाऊँ......!


ध्यान से देखा बालों पे......चांदी सी चढी थी......!!

था तो मुझ जैसा.....जाने कौन खड़ा था........!

:अज्ञात

Tuesday, September 7, 2021

क्या खाएं क्या न खाएं,कब और क्यूं

 👉🏻दूध ना पचे तो ~ सोंफ ,

👉🏻दही ना पचे तो ~ सोंठ,

👉🏻छाछ ना पचे तो ~जीरा व काली मिर्च

👉🏻अरबी व मूली ना पचे तो ~ अजवायन

👉🏻कड़ी ना पचे तो ~ कड़ी पत्ता,

👉🏻तैल, घी, ना पचे तो ~  कलौंजी... 

👉🏻पनीर ना पचे तो ~ भुना जीरा,

👉🏻भोजन ना पचे तो ~ गर्म जल

👉🏻केला ना पचे तो  ~ इलायची             

👉🏻ख़रबूज़ा ना पचे तो ~ मिश्री का उपयोग करें...

1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।

2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।

3. हाई वी पी में -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।

4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।

5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।

6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 

7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी ।

8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी ।

9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें ।

10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें ।

11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन की कमी ।

12. जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।

13. ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।

14.  किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।

15. गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें,  लोटे का कम  सर्फेसटेन्स होता है ।

16. अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।

17. वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।

18. परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।

19. पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है । 

20. RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है ।

21. सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।

22. पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है । 

23.  भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।

24.  HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।

25. गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।

26.  चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है । 

27.  शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।

28. वात के असर में नींद कम आती है ।

29.  कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।

30. कफ के असर में पढाई कम होती है ।

31. पित्त के असर में पढाई अधिक होती है ।

33.  आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।

34. शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए ।

35.  प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए ।

36. सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।

37. व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।

38. भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।

39. जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।

40. निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है ।

41.  भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।

42. दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों , 

43. माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।

44. तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।

45. छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है । 

46. कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।

47. मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए । 

48. सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।

49. भोजन के पहले मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है । 

50. भोजन के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें । 

51. अवसाद में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है 

52.  पीले केले में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।

53.  छोटे केले में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।

54. रसौली की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।

55.  हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।

56. एंटी टिटनेस के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।

57. ऐसी चोट जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें । 

58. मोटे लोगों में कैल्शियम की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।

59. अस्थमा में नारियल दें । नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।

60. चूना बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है । 

61.  दूध का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।

62.  गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है । 

63.  जिस भोजन में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए 

64.  गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।

65.  गाय के दूध में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।

66.  मासिक के दौरान वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे  गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।

67. रात में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।

68. भोजन के बाद बज्रासन में बैठने से वात नियंत्रित होता है ।

69. भोजन के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।

70. अजवाईन अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है 

71. अगर पेट में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें 

72. कब्ज होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए । 

73. रास्ता चलने, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए । 

74. जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है । 

75.  बिना कैल्शियम की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।

76. स्वस्थ्य व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।

77. भोजन करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।

78. सुबह के नाश्ते में फल , दोपहर को दही व रात्रि को दूध का सेवन करना चाहिए । 

79. रात्रि को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि । 

80.  शौच और भोजन के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें । 

81. मासिक चक्र के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए । 

82. जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।

83. जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।

84. एलोपैथी ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है । 

85. खाने की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है । 

86 .  रंगों द्वारा चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग । 

87 . छोटे बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए 

88. जो सूर्य निकलने के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है । 

89.  बिना शरीर की गंदगी निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं । 

90. चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है । 

91.  गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।

92. प्रसव के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती  है ।

93. रात को सोते समय सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा 

94. दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए।

95. जो अपने दुखों को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है । 

96. सोने से आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है । 

97. स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है। 

98 . तेज धूप में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है 

99. त्रिफला अमृत है जिससे वात, पित्त , कफ तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।  

100. इस विश्व की सबसे मँहगी दवा लार है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके

Tuesday, June 29, 2021

Quit...!!!!

 One day I decided to quit... 

I quit my job, my relationship, my spirituality... I wanted to quit my life. 

I went to the woods to have one last talk with God. 

'God', I said. 'Can you give me one good reason not to quit?' 

His answer surprised me... 

'Look around', He said. 'Do you see the fern and the bamboo?' 

'Yes', I replied. 

When I planted the fern and the bamboo seeds, I took very good care of them. 

I gave them light. I gave them water. 

The fern quickly grew from the earth. 

Its brilliant green covered the floor. 

Yet nothing came from the bamboo seed. 

But I did not quit on the bamboo. 

In the second year the Fern grew more vibrant and plentiful. 

And again, nothing came from the bamboo seed. 

But I did not quit on the bamboo. He said. 

'In the third year, there was still nothing from the bamboo seed. But I would not quit. In the fourth year, again, there was nothing from the bamboo seed. 'I would not quit.' He said. 'Then in the fifth year a tiny sprout emerged from the earth. 


Compared to the fern it was seemingly small and insignificant... But just 6 months later the bamboo rose to over 100 feet tall. 


It had spent the five years growing roots. 


Those roots made it strong and gave it what it needed to survive. I would not give any of my creations a challenge it could not handle.' [very true]


He said to me. 'Did you know, my child, that all this time you have been struggling, you have actually been growing roots.' 


'I would not quit on the bamboo. I will never quit on you. ' Don't compare yourself to others ..' He said. ' The bamboo had a different purpose than the fern ... Yet, they both make the forest beautiful.' 


Your time will come, ' God said to me. ' You will rise high! ' How high should I rise?' I asked. 


How high will the bamboo rise?' He asked in return. 


'As high as it can? ' I questioned. 


' Yes. ' He said, 'Give me glory by rising as high as you can. ' 


I left the forest and bring back this story. 


I hope these words can help you see that God will never give up on you. 


He will never give up on you. 


Never regret a day in your life. 


Good days give you happiness 


Bad days give you experiences; 


Both are essential to life. 


A happy and meaningful life requires our continuous input and creativity. It does not happen by chance. It happens because of our choices and actions. And each day we are given new opportunities to choose and act and, in doing so, we create our own unique journey.' Keep going... 


Happiness keeps you Sweet, 

Trials keep you Strong, 

Sorrows keep you Human, 

Failures keep you humble, 

Success keeps You Glowing, 

but Only God keeps You Going!

Saturday, June 26, 2021

Falling in love...

 #Fallinginlove by Anamika Sinha

She had an Extra-Marital Affair and her Husband got to know about it. 

She looked Different for last few days.

She looked Happy, Confident, Mysteriously more Beautiful , and more Organised .

Not just a Dedicated Wife for Husband or

a Woman for Home anymore,

Now she was Singing, she was Dancing, her dress sense had commendably Improved.


It was Strange !


In the previous years,

 He never saw this shade of hers. 


He was sure someone else had entered in her Life and that she was transforming herself for him. 

He thought to himself that a Woman always lives for the Joy and Happiness of a Man.


He felt like spending some more time with her to Explore the reason behind it.


“ Saturday Eve,"

He thought, 

"a perfect time to spend together." 

He proposed a Dine out and she accepted the Proposal. 


He asked her about the venue and

 for the first time she expressed her opinion ! 

Again, a Surprise ...

Earlier it was always his Decision !


They went to a Beautiful Restaurant  with a very Romantic Ambience,


 She looked amazing

 and he kept staring at her, as if he is meeting her for the first time.


While they sat on the table, which was reserved by her, he was trying to explore the reason of this transformation ,


 He held her hand and

 asked very politely, 


"Dear you look amazing and changed for the last few days. 

What is the Secret ?"


She looked into his eyes and smiled, and said, 

“ I am also Surprised !

 You are sitting with me at a place of my choice, holding my hand, looking into my eyes, not looking into Mobile, or staring at girls moving around ! 

 Isn't it Strange ?"


Then she picked up her phone and clicked a Selfie and forwarded it to someone and her phone started ringing.


Now He was uncomfortable.


She smiled and announced 

“ I am in Love !!!"


He was shocked !

 For a few minutes,

 He felt like Slapping her. 

But for the First Time,

 He also started Loving her and

 didn't want to Lose her.


Composing himself He asked, 

“ Who is He ?"


She smiled and said, 

"It's not He, 

 It's SHE."

Infact, It's not She 

 - it's Me !


 I Love Myself,

I Love spending time

 with people I like,

 visiting places I love,

  I am alive !


And you know what I realised ? 

 You also Love me more

  when I Love myself.


He had tears in his Eyes; 

although, of Relief.


 He Apologized and

 Promised that He will not keep unreasonable Expectations from her and Respect her always.


Now, He knows the Lady who is with him is alive, Confident and Deserves Love and Respect* and 

If not given by him,

  She can find it within herself.


 REFLECTION 😗


 You Don't need....

  Someone to make Life Beautiful !


Spend  some time with yourself,

 Love yourself,

 Respect yourself,

 Value yourself.


Ultimately  When you Love and Respect yourself,

 you will be Loved by others and

  “ You Deserve it !"

Thursday, June 24, 2021

Pl understand...

 💙  The man doesn’t know that there is a snake underneath. The woman doesn’t know that there is a stone crushing the man. The woman thinks: “I am going to fall! And I can’t climb because the snake is going to bite me! Why can’t the man use a little more strength and pull me up!” The man thinks: “I am in so much pain! Yet I’m still pulling you as much as I can! Why don’t you try and climb a little harder!?”


The moral is— you can’t see the pressure the other person is under, and the other person can’t see the pain you’re in. This is life, whether it’s with work, family, feelings or friends, we should try to understand each other. Learn to think differently, perhaps more clearly and communicate better. A little thought and patience goes a long way. 💙


~ Author Unknown

Monday, June 21, 2021

We are in "Q"

 Not sure who wrote this, but it’s deep:


”Every minute someone leaves this world behind. We are all in “the line” without knowing it. We never know how many people are before us. 


We can not move to the back of the line. 

We can not step out of the line.

We can not avoid the line. 

So while we wait in line -


Make moments count. 

Make priorities. 

Make the time. 

Make your gifts known. 

Make a nobody feel like a somebody. 

Make your voice heard. 

Make the small things big. 

Make someone smile. 

Make the change. 

Make love. 

Make up. 

Make peace. 

Make sure to tell your people they are loved. 

Make sure to have no regrets. 

Make sure you are ready.”

Monday, June 14, 2021

करमा बाई

 🙏🌹सुदूर उड़ीसा के जगन्नाथपुरी धाम में आज भी ठाकुर जी को सर्वप्रथम मारवाड़ की करमा बाई का भोग लगता है :- 


मारवाड़ प्रांत का एक जिला है नागौर। नागौर जिले में एक छोटा सा शहर है ..... मकराणा 


यूएन ने मकराणा के मार्बल को विश्व की ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया हुआ है .... ये क्वालिटी है यहां के मार्बल की ....


लेकिन क्या मकराणा की पहचान सिर्फ वहां का मार्बल है ?? ....


जी नहीं ....


मारवाड़ का एक सुप्रसिद्ध भजन है ....


थाळी भरकर ल्याई रै खीचड़ो ऊपर घी री बाटकी ....

जिमों म्हारा श्याम धणी जिमावै करमा बेटी जाट की ....

माता-पिता म्हारा तीर्थ गया नै जाणै कद बै आवैला ....

जिमों म्हारा श्याम धणी थानै जिमावै करमा बेटी जाट की ....


मकराणा तहसील में एक गांव है कालवा .... कालूराम जी डूडी (जाट) के नाम पे इस गांव का नामकरण हुआ है कालवा ....


कालवा में एक जीवणराम जी डूडी (जाट) हुए थे भगवान कृष्ण के भक्त .... जीवणराम जी की काफी मन्नतों के बाद भगवान के आशीर्वाद से उनकी पत्नी रत्नी देवी की कोख से वर्ष 1615 AD में एक पुत्री का जन्म हुआ नाम रखा .... करमा ....


करमा का लालन-पालन बाल्यकाल से ही धार्मिक परिवेश में हुआ .... माता पिता दोनों भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त थे घर में ठाकुर जी की मूर्ति थी जिसमें रोज़ भोग लगता भजन-कीर्तन होता था....


करमा जब 13 वर्ष की हुई तब उसके माता-पिता कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए समीप ही पुष्कर जी गए .... करमा को साथ इसलिए नहीं ले गए कि घर की देखभाल, गाय भैंस को दुहना निरना कौन करेगा .... रोज़ प्रातः ठाकुर जी के भोग लगाने की ज़िम्मेदारी भी करमा को दी गयी ....


अगले दिन प्रातः नन्हीं करमा बाईसा ने ठाकुर जी को भोग लगाने हेतु खीचड़ा बनाया (बाजरे से बना मारवाड़ का एक शानदार व्यंजन) .... और उसमें खूब सारा गुड़ व घी डाल के ठाकुर जी के आगे भोग हेतु रखा ....


करमा;- ल्यो ठाकुर जी आप भोग लगाओ तब तक म्हें घर रो काम करूँ ....


करमा घर का काम करने लगी व बीच बीच में आ के चेक करने लगी कि ठाकुर जी ने भोग लगाया या नहीं .... लेकिन खीचड़ा जस का तस पड़ा रहा दोपहर हो गयी ....


करमा को लगा खीचड़े में कोई कमी रह गयी होगी वो बार बार खीचड़े में घी व गुड़ डालने लगी ....


दोपहर को करमा बाईसा ने व्याकुलता से कहा ठाकुर जी भोग लगा ल्यो नहीं तो म्हे भी आज भूखी रहूं लां ....


शाम हो गयी ठाकुर जी ने भोग नहीं लगाया इधर नन्हीं करमा भूख से व्याकुल होने लगी और बार बार ठाकुर जी की मनुहार करने लगी भोग लगाने को ....


नन्हीं करमा की अरदास सुन के ठाकुर जी की मूर्ति से साक्षात भगवान श्री-कृष्ण प्रकट हुए और बोले .... करमा तूँ म्हारे परदो तो करयो ही नहीं म्हें भोग क्यां लगातो ?? ....


करमा;- ओह्ह इत्ती सी बात तो थे (आप) मन्ने तड़के ही बोल देता भगवान ....


करमा अपनी लुंकड़ी (ओढ़नी) की ओट (परदा) करती है और हाथ से पंखा झिलाती है .... करमा की लुंकड़ी की ओट में ठाकुर जी खीचड़ा खा के अंतर्ध्यान हो जाते हैं ....


करमा का ये नित्यक्रम बन गया ....


रोज़ सुबह करमा खीचड़ा बना के ठाकुर जी को बुलाती .... ठाकुर जी प्रकट होते व करमा की ओढ़नी की ओट में बैठ के खीचड़ा जीम के अंतर्ध्यान हो जाते ....


माता-पिता जब पुष्कर जी से तीर्थ कर के वापस आते हैं तो देखते हैं गुड़ का भरा मटका खाली होने के कगार पे है .... पूछताछ में करमा कहती है .... म्हें नहीं खायो गुड़ ओ गुड़ तो म्हारा ठाकुर जी खायो ....


माता-पिता सोचते हैं करमा ही ने गुड़ खाया है अब झूठ बोल रही है ....


अगले दिन सुबह करमा फिर खीचड़ा बना के ठाकुर जी का आह्वान करती है तो ठाकुर जी प्रकट हो के खीचड़े का भोग लगाते हैं ....


माता-पिता यह दृश्य देखते ही आवाक रह जाते हैं ....


देखते ही देखते करमा की ख्याति सम्पूर्ण मारवाड़ व राजस्थान में फैल गयी ....


जगन्नाथपुरी के पुजारियों को जब मालूम चला कि मारवाड़ के नागौर में मकराणा के कालवा गांव में रोज़ ठाकुर जी पधार के करमा के हाथ से खीचड़ा जीमते हैं तो वो करमा को पूरी बुला लेते हैं ....


करमा अब जगन्नाथपुरी में खीचड़ा बना के ठाकुर जी के भोग लगाने लगी .... ठाकुर जी पधारते व करमा की लुंकड़ी की ओट में खीचड़ा जीम के अंतर्ध्यान हो जाते ....


बाद करमा बाईसा का जगन्नाथपुरी में ही देहावसान हो गया ....


(1) जगन्नाथपुरी में ठाकुर जी को नित्य 6 भोग लगते हैं .... इसमें ठाकुर जी को तड़के प्रथम भोग करमा रसोई में बना खीचड़ा आज भी रोज़ लगता है ....


(2) जगन्नाथपुरी में ठाकुर जी के मंदिर में कुल 7 मूर्तियां लगी है .... 5 मूर्तियां ठाकुर जी के परिवार की है .... 1 मूर्ति सुदर्शन चक्र की है .... 1 मूर्ति करमा बाईसा की है ....


(3) जगन्नाथपुरी रथयात्रा में रथ में ठाकुर जी की मूर्ति के समीप करमा बाईसा की मूर्ति विद्यमान रहती है .... बिना करमा बाईसा की मूर्ति रथ में रखे रथ अपनी जगह से हिलता भी नहीं है ....


मारवाड़ या यूं कहें राजस्थान के कोने कोने में ऐसी अनेक विभूतियां है जिनके बारे में आमजन अनभिज्ञ है। हमें उन्हें पढ़ना होगा। हमें उन्हें जानना होगा । जय जगन्नाथ स्वामी हरि ॐ🙏🌹

Thursday, May 20, 2021

गोपनीय दान का महत्व

 #आज एक सुन्दर जानकारी मिली ।


यूरोप का एक देश है नार्वे .... 

वहां कभी जाईयेगा तो 

यह सीन आम तौर पर पाईयेगा.... 


एक रेस्तरां है ...

उसके कैश काउंटर पर एक महिला आती है 

और कहती है - 

"5 Coffee, 1 Suspension"..

फिर वह पांच कॉफी के पैसे देती है 

और चार कप कॉफी ले जाती है ...


थोड़ी देर बाद ...

एक और आदमी आता है ,कहता है- 

"4 Lnch, 2 Suspension" !!! 

वह चार Lunch का भुगतान करता है 

और दो Lunch packets ले जाता है...


फिर एक और आता है ...

आर्डरदेता है -  

"10 Coffee,  6 Suspension" !!!

वह दस के लिए भुगतान करता है,

चार कॉफी ले जाता है...


थोड़ी देर बाद.... 

एक बूढ़ा आदमी जर्जर कपड़ों में  

काउंटर पर आकर पूछता है-  

"Any Suspended Coffee ??" 

काउंटर-गर्ल मौजूद कहती है- 

"Yes !!"

और एक कप गर्म कॉफी उसको दे देती है ...


कुछ देर बाद वैसे ही 

एक और दाढ़ी वाला आदमी अंदर आता है,

पूछता है- 

"Any Suspended Lunch ??" 

तो काउंटर पर मौजूद व्यक्ति 

गर्म खाने का एक पार्सल और 

पानी की एक बोतल उसको दे देता है ...


और यह क्रम ...

एक ग्रुप द्वारा अधिक पेमेंट करने का 

और 

दूसरे ग्रुप द्वारा बिना पेमेंट खान-पान ले जाने का 

दिन भर चलता रहता है .... 


यानि ...

अपनी "पहचान" न कराते हुए 

और 

किसी के चेहरे को "जाने बिना" भी 

अज्ञात गरीबों, जरुरतमन्दों की मदद करना...

यह है नार्वे नागरिकों की परंपरा !!!


और बताया गया कि 

यह "कल्चर" अब यूरोप के अन्य कई देशों में 

फैल रही है...


और हम ...???

अस्पतालों में एक केला,एक संतरा 

मरीजों को बांटेंगे...

सारे मिलकर अपनी पार्टी, अपने संगठन का 

ग्रुप फोटो खिंचाकर 

अखबार में छापेंगे !!!  

है ना ???


क्या भारत में भी ...

इस प्रकार की  खान-पान की 

"Suspension" जैसी प्रथा का 

प्रारंभ हो सकता है ???

◆-----------------------------------◆#आज एक सुन्दर जानकारी मिली ।


यूरोप का एक देश है नार्वे .... 

वहां कभी जाईयेगा तो 

यह सीन आम तौर पर पाईयेगा.... 


एक रेस्तरां है ...

उसके कैश काउंटर पर एक महिला आती है 

और कहती है - 

"5 Coffee, 1 Suspension"..

फिर वह पांच कॉफी के पैसे देती है 

और चार कप कॉफी ले जाती है ...


थोड़ी देर बाद ...

एक और आदमी आता है ,कहता है- 

"4 Lnch, 2 Suspension" !!! 

वह चार Lunch का भुगतान करता है 

और दो Lunch packets ले जाता है...


फिर एक और आता है ...

आर्डरदेता है -  

"10 Coffee, 6 Suspension" !!!

वह दस के लिए भुगतान करता है,

चार कॉफी ले जाता है...


थोड़ी देर बाद.... 

एक बूढ़ा आदमी जर्जर कपड़ों में  

काउंटर पर आकर पूछता है-  

"Any Suspended Coffee ??" 

काउंटर-गर्ल मौजूद कहती है- 

"Yes !!"

और एक कप गर्म कॉफी उसको दे देती है ...


कुछ देर बाद वैसे ही 

एक और दाढ़ी वाला आदमी अंदर आता है,

पूछता है- 

"Any Suspended Lunch ??" 

तो काउंटर पर मौजूद व्यक्ति 

गर्म खाने का एक पार्सल और 

पानी की एक बोतल उसको दे देता है ...


और यह क्रम ...

एक ग्रुप द्वारा अधिक पेमेंट करने का 

और 

दूसरे ग्रुप द्वारा बिना पेमेंट खान-पान ले जाने का 

दिन भर चलता रहता है .... 


यानि ...

अपनी "पहचान" न कराते हुए 

और 

किसी के चेहरे को "जाने बिना" भी 

अज्ञात गरीबों, जरुरतमन्दों की मदद करना...

यह है नार्वे नागरिकों की परंपरा !!!


और बताया गया कि 

यह "कल्चर" अब यूरोप के अन्य कई देशों में 

फैल रही है...


और हम ...???

अस्पतालों में एक केला,एक संतरा 

मरीजों को बांटेंगे...

सारे मिलकर अपनी पार्टी, अपने संगठन का 

ग्रुप फोटो खिंचाकर 

अखबार में छापेंगे !!!  

है ना ???


क्या भारत में भी ...

इस प्रकार की खान-पान की 

"Suspension" जैसी प्रथा

 का 

प्रारंभ हो सकता है ???

◆-----------------------------------◆

Friday, May 14, 2021

उल्टी यात्रा:लेखक अज्ञात

 प्रेषक: रमा शंकर सिंह

लेखक:वरिष्ठ मित्र:अज्ञात

———————————

“ उल्टी यात्रा

बुढ़ापे से

बचपन की तरफ़

जो 50 को पार कर गये हैं या करीब हैं उनके लिए यह खास है🙏🏻🙏🏻🙏🏻

मेरा मानना है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है हमारे बाद की किसी पीढ़ी को "शायद ही " इतने बदलाव देख पाना संभव हो

🤔🤔🤔

# हम_वो आखिरी_पीढ़ी_हैं जिसने बैलगाड़ी से लेकर सुपर सोनिक जेट देखे हैं। बैरंग ख़त से लेकर लाइव चैटिंग तक देखा है और "वर्चुअल मीटिंग जैसी" असंभव लगने वाली बहुत सी बातों को सम्भव होते हुए देखा है। 


🙏🏻 *हम वो पीढ़ी हैं* 🇳🇪

जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं हैं। ज़मीन पर बैठकर खाना खाया है। 

प्लेट में डाल डाल कर चाय पी है।


🙏 हम 🇳🇪 वो " लोग " हैं ?

जिन्होंने बचपन में मोहल्ले के मैदानों में अपने दोस्तों के साथ पम्परागत खेल, गिल्ली-डंडा, छुपा-छिपी, खो-खो, कबड्डी, कंचे जैसे खेल , खेले हैं ।


🙏हम आखरी पीढ़ी 🇳🇪 के वो लोग हैं ?

 जिन्होंने चांदनी रात में डीबरी, लालटेन या बल्ब की पीली रोशनी में होम वर्क किया है और दिन के उजाले में चादर के अंदर छिपा कर नावेल पढ़े हैं।  


🙏हम वही 🇳🇪 पीढ़ी के लोग हैं ? 

जिन्होंने अपनों के लिए अपने जज़्बात खतों में आदान प्रदान किये हैं और उन ख़तो के पहुंचने और जवाब के वापस आने में महीनों तक इंतजार किया है।


🙏हम उसी 🇳🇪 आखरी पीढ़ी के लोग हैं ?

जिन्होंने कूलर, एसी या हीटर के बिना ही  बचपन गुज़ारा है। और बिजली के बिना भी गुज़ारा किया है।


🙏हम वो 🇳🇪 आखरी लोग हैं ?

जो अक्सर अपने छोटे बालों में सरसों का ज्यादा तेल लगा कर स्कूल और शादियों में जाया करते थे।


🙏हम वो आखरी पीढ़ी 🇳🇪 के लोग हैं ?

जिन्होंने स्याही वाली दावात या पेन से कॉपी किताबें, कपडे और हाथ काले-नीले किये है। तख़्ती पर सेठे की क़लम से लिखा है और तख़्ती धोई है।


🙏हम वो आखरी 🇳🇪 लोग हैं ?

जिन्होंने टीचर्स से मार खाई है और घर में शिकायत करने पर फिर मार खाई है।


🙏हम वो 🇳🇪 आखरी लोग हैं ?

जो मोहल्ले के बुज़ुर्गों को दूर से देख कर नुक्कड़ से भाग कर घर आ जाया करते थे। और समाज के बड़े बूढों की इज़्ज़त डरने की हद तक करते थे।


 🙏 हम वो 🇳🇪 आखरी लोग हैं ?

जिन्होंने अपने स्कूल के सफ़ेद केनवास शूज़ पर खड़िया का पेस्ट लगा कर चमकाया है!


 🙏हम वो 🇳🇪 आखरी लोग हैं 

जिन्होंने गुड़  की चाय पी है। काफी समय तक सुबह काला या लाल दंत मंजन या सफेद टूथ पाउडर इस्तेमाल किया है और कभी कभी तो नमक से या लकड़ी के कोयले से दांत साफ किए हैं। 


🙏हम निश्चित ही वो 🇳🇪 लोग हैं

*जिन्होंने चांदनी रातों में, रेडियो पर BBC की ख़बरें, विविध भारती, आल इंडिया रेडियो, बिनाका गीत माला और हवा महल जैसे प्रोग्राम पूरी शिद्दत से सुने हैं।*


🙏हम वो 🇳🇪 आखरी लोग हैं 

*जब हम सब शाम होते ही छत पर पानी का छिड़काव किया करते थे।*

उसके बाद सफ़ेद चादरें बिछा कर सोते थे।

*एक स्टैंड वाला पंखा सब को हवा के लिए हुआ करता था।* 

*सुबह सूरज निकलने के बाद भी ढीठ बने सोते रहते थे।*

*वो सब दौर बीत गया। चादरें अब नहीं बिछा करतीं।* 

*डब्बों जैसे कमरों में कूलर, एसी के सामने रात होती है, दिन गुज़रते हैं।*


🙏हम वो 🇳🇪 आखरी पीढ़ी के लोग हैं 

*जिन्होने वो खूबसूरत रिश्ते और उनकी मिठास बांटने वाले लोग देखे हैं,* *जो लगातार कम होते चले गए।* 

*अब तो लोग जितना पढ़ लिख रहे हैं, उतना ही खुदगर्ज़ी, बेमुरव्वती, अनिश्चितता, अकेलेपन, व निराशा में खोते जा रहे हैं।* 

और 

🙏हम वो 🇳🇪 खुशनसीब लोग हैं 

जिन्होंने रिश्तों की मिठास महसूस की है...!!


🙏 *और हम इस दुनियाँ के वो लोग भी हैं जिन्होंने एक ऐसा "अविश्वसनीय सा"  लगने वाला  नजारा देखा है।*


*आज के इस करोना काल में परिवारिक रिश्तेदारों (बहुत से पति-पत्नी , बाप - बेटा ,भाई - बहन आदि ) को एक दूसरे को छूने से डरते हुए भी देखा है।*

 🙏 *पारिवारिक रिश्तेदारों की तो बात ही क्या करे खुद आदमी को अपने ही हाथ से अपनी ही नाक और मुंह को छूने से डरते हुए भी देखा है।*

 🙏


*" अर्थी " को बिना चार कंधों के श्मशान घाट पर जाते हुए भी देखा है।*

*"पार्थिव शरीर" को दूर से ही  "अग्नि दाग" लगाते हुए भी देखा है।*🙏


🙏हम आज के 🇳🇪 भारत की *एकमात्र वह पीढी हैं जिसने अपने " माँ-बाप "की बात भी मानी और " बच्चों " की भी मान रहे है।*  🙏


*शादी में (buffet) खाने में वो आनंद नहीं जो पंगत में आता था  जैसे....*


.

*सब्जी देने वाले को गाइड करना, 

*हिला के दे या तरी तरी देना!*

.

👉  *उँगलियों के इशारे से 2 लड्डू और गुलाब जामुन, काजू कतली लेना*

.

👉 *पूडी छाँट छाँट के और गरम गरम लेना !*

👉 *पीछे वाली पंगत में झांक के देखना क्या क्या आ गया, अपने इधर क्या बाकी है और जो बाकी है उसके लिए आवाज लगाना*

.

👉 पास वाले रिश्तेदार के पत्तल में जबरदस्ती पूडी

🍪 रखवाना !

.

👉 *रायते वाले को दूर से आता देखकर फटाफट रायते का दोना पीना ।*

.

👉 *पहले वाली पंगत कितनी देर में उठेगी उसके हिसाब से बैठने की पोजीशन बनाना।*

.

👉 और आखिर में पानी वाले को खोजना।

 😜 

..............

एक बात बोलूँ

इनकार मत करना

ये msg जितने मरजी लोगों को send करो

जो इस msg को पढेगा

उसको उसका बचपन जरुर याद आयेगा.

वो आपकी वजह से अपने बचपन में चला जाएगा , चाहे कुछ देर के लिए ही सही।

और ये आपकी तरफ से उसको सबसे अच्छा गिफ्ट होगा.

😊.

~~~~~~~~~~~~ 

*किसी पुराने दोस्त ने यह लेख मुझे भेजा है मैं इसे आपको भेज रहा हूँ .।


*सिलसिला चलता रहे* 

❤️❤️❤️❤️❤️

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Tuesday, May 4, 2021

ईश्वर दर्शन:वो सब देख रहा है

 *ईश्वर*


*एक दिन सुबह सुबह दरवाजे की घंटी बजी । 

दरवाजा खोला तो देखा एक आकर्षक कद- काठी का व्यक्ति चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान लिए खड़ा है ।*


*मैंने कहा, "जी कहिए.."*


*तो उसने कहा,*


*अच्छा जी, आप तो  रोज़ हमारी ही गुहार लगाते थे,*


*मैंने  कहा*


*"माफ कीजिये, भाई साहब ! मैंने पहचाना नहीं, आपको..."*


*तो वह कहने लगे,* 


*"भाई साहब, मैं वह हूँ, जिसने तुम्हें साहेब बनाया है... अरे ईश्वर हूँ.., ईश्वर.. तुम हमेशा कहते थे न कि नज़र मे बसे हो पर नज़र नही आते.. लो आ गया..! अब आज पूरे दिन तुम्हारे साथ ही रहूँगा।"*


*मैंने चिढ़ते हुए कहा,*


*"ये क्या मज़ाक है?"*


*"अरे मज़ाक नहीं है, सच है। सिर्फ़ तुम्हे ही नज़र आऊंगा। तुम्हारे सिवा कोई देख- सुन नही पायेगा, मुझे।"*


*कुछ कहता इसके पहले पीछे से माँ आ गयी.. "अकेला ख़ड़ा- खड़ा  क्या कर रहा है यहाँ, चाय तैयार है , चल आजा अंदर.."*


*अब उनकी बातों पे थोड़ा बहुत यकीन होने लगा था, और मन में थोड़ा सा डर भी था.. मैं जाकर सोफे पर बैठा ही था, तो बगल में वह आकर बैठ गए। चाय आते ही जैसे ही पहला घूँट पिया मैं गुस्से से चिल्लाया,*


*"अरे मां..ये हर रोज इतनी  चीनी ?"*


*इतना कहते ही ध्यान आया कि अगर ये सचमुच में ईश्वर है तो इन्हें कतई पसंद नही आयेगा कि कोई अपनी माँ पर गुस्सा करे। अपने मन को शांत किया और समझा भी  दिया कि 'भई, तुम नज़र में हो आज... ज़रा ध्यान से।'*


*बस फिर मैं जहाँ- जहाँ... वह मेरे पीछे- पीछे पूरे घर में... थोड़ी देर बाद नहाने के लिये जैसे ही मैं बाथरूम की तरफ चला, तो उन्होंने भी कदम बढ़ा दिए..*


*मैंने कहा,*


*"प्रभु, यहाँ तो बख्श दो..."*


*खैर, नहा कर, तैयार होकर मैं पूजा घर में गया, यकीनन पहली बार तन्मयता से प्रभु वंदन किया, क्योंकि आज अपनी ईमानदारी जो साबित करनी थी.. फिर आफिस के लिए निकला, अपनी कार में बैठा, तो देखा बगल में  महाशय पहले से ही बैठे हुए हैं। सफ़र शुरू हुआ तभी एक फ़ोन आया, और फ़ोन उठाने ही वाला था कि ध्यान आया, 'तुम नज़र मे हो।'*


*कार को साइड मे रोका, फ़ोन पर बात की और बात करते- करते कहने ही वाला था कि 'इस काम के ऊपर के पैसे लगेंगे' ...पर ये  तो गलत था, : पाप था तो प्रभु के सामने कैसे कहता तो एकाएक ही मुँह से निकल गया,"आप आ जाइये । आपका काम हो  जाएगा, आज।"*


*फिर उस दिन आफिस मे ना स्टाफ पर गुस्सा किया, ना किसी कर्मचारी से बहस की 25 - 50 गालियाँ तो रोज़ अनावश्यक निकल ही जाती थी मुँह से, पर उस दिन  सारी गालियाँ, 'कोई बात नही, इट्स ओके...'मे तब्दील हो गयीं।*


   *वह पहला दिन था जब क्रोध, घमंड, किसी की बुराई, लालच, अपशब्द , बेईमानी, झूठ ये सब मेरी दिनचर्या का हिस्सा नही बनें*।


*शाम को आफिस से निकला, कार में बैठा, तो बगल में बैठे ईश्वर को बोल ही दिया...*


*"प्रभु सीट बेल्ट लगा लें, कुछ नियम तो आप भी निभायें... उनके चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान थी..."*


*घर पर रात्रि भोजन जब परोसा गया तब शायद पहली बार मेरे मुख से निकला,*


*"प्रभु, पहले आप लीजिये ।"*


*और उन्होंने भी मुस्कुराते हुए निवाला मुँह मे रखा। भोजन के बाद माँ बोली,* 


*"पहली बार खाने में कोई कमी नही निकाली आज तूने। क्या बात है ? सूरज पश्चिम से निकला है क्या, आज?"*


*मैंने कहाँ,*


*"माँ आज सूर्योदय मन में हुआ है... रोज़ मैं महज खाना खाता था, आज प्रसाद ग्रहण किया है माँ, और प्रसाद मे कोई कमी नही होती।"*


*थोड़ी देर टहलने के बाद अपने कमरे मे गया, शांत मन और शांत दिमाग  के साथ तकिये पर अपना सिर रखा तो ईश्वर ने प्यार से सिर पर हाथ फिराया और कहा,*


*"आज तुम्हे नींद के लिए किसी संगीत, किसी दवा और किसी किताब के सहारे की ज़रुरत नहीं है।"*


*गहरी नींद गालों पे थपकी से उठी...*


*"कब तक सोयेगा .., जाग जा अब।"*


*माँ की आवाज़ थी... सपना था शायद... हाँ, सपना ही था पर नीँद से जगा गया... अब समझ में आ गया उसका इशारा...*


 *"तुम नज़र में हो...।"*


*जिस दिन ये समझ गए कि "वो" देख रहा है, सब कुछ ठीक हो जाएगा। सपने में आया एक विचार भी आंखे खोल सकता है।*


    *स्नेह वंदन*

       *प्रणाम*

Friday, April 16, 2021

विश्वास...!!

 हर साल एक लड़के के माता-पिता उसे गर्मी की छुट्टी के लिए नाना - नानी के घर ले जाते थे, और वे दो हफ्ते बाद उसी ट्रेन से घर लौट आते।

                            

फिर एक दिन लड़का अपने माता-पिता से कहता है:

अब मैं अब बड़ा हो गया हूँ, क्यों ना मैं इस साल अकेले नाना जी के घर जाऊँ ???


चर्चा के बाद माता-पिता भी सहमत हो गये।


अब सब लोग ट्रेन स्टेशन प्लेटफार्म पर खड़े हैं, और एक दूसरे का अभिवादन कर रहे हैं, जैसे ही खिड़की के पास खड़े होकर पिता बेटे को यात्रा के लिए कुछ टिप्स दे रहे होते हैं, वैसे ही लड़का कहता है:


मुझे पता है, आप पहले ही मुझे कई बार बता चुके हैं ...!


ट्रेन छूटने वाली है और पिता फुसफुसाते हुए:


*मेरे बेटे, अगर आपको अचानक डर लगे, तो यह आपके लिए है! ......*


और वह लड़के की जेब में कुछ डाल देते है।


अब लड़का बिल्कुल अकेला है, पहली बार अपने माता-पिता के बिना, ट्रेन में बैठा ...


वह खिड़की से रास्ते के दृश्यों को देखता हुआ यात्रा करता है ..


उसके आस-पास के लोग ऊधम मचाते हैं, शोर करते हैं, डिब्बे में प्रवेश करते हैं और  बाहर निकलते हैं, उसे लगता है कि वह अकेला है। तभी एक व्यक्ति उसे घूर रहा होता है ...

अब वह लड़का और अधिक असहज महसूस करता है ...और वह कुछ डरा हुआ भी है।

वह अपना सिर नीचे कर लेता है, सीट के एक कोने में झपकी लेने की कोशिश करता है, उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं।

उस समय वह अपने पिता को अपनी जेब में कुछ डालते हुए याद करता है।

कांपते हाथ से वह कागज़ के इस टुकड़े को देखना चाहता है, उसने उसे खोला:

*बेटा, चिंता मत करो, मैं अगले डिब्बे में हूं! ...*

 ऐसा ही जीवन में होता है ...

*जब ईश्वर ने हमें इस संसार में भेजा है, तो उसने स्वयं ही हम सभी एक पत्र देकर भेजा है,*

 *दुखी मत हो, भगवान हमारे साथ है।*

*मैं आपके साथ यात्रा कर रहा हूं, मैं आपके के साथ हूं,* 

**तो बस घबराओ मत, उदास मत हो ..

 उस पर विश्वास करो, उस पर विश्वास रखो,

हमारी यात्रा के दौरान भगवान हमेशा हमारे साथ है !*🚩🚩

Friday, March 26, 2021

Motivational & Meaningful Dialogue

 *एक पटरी पर जो दो ट्रेन आमने सामने होंगी तो टक्कर तो निश्चित होगी लेकिन हां नुकसान उसका अधिक होगा जो ट्रेन धीरे चल रही होगी,

**अपनी रफ़्तार बढ़ाओ जिससे नुकसान तुम्हारा कम हो

***जब तक नाल और नकेल नहीं लगती तब तक हर घोड़ा खच्चर ही डी दिखता है य लगता है।

***इसलिए कमर कस लो और कूद पड़ो मैदान में

Friday, March 19, 2021

धन्यवाद शुक्रिया....प्रभु

 *इटली में कोरोना संक्रमण से एक 93 साल का बूढ़ा व्यक्ति ठीक हुआ और जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज होने लगा तब उसे उस अस्पताल के स्टॉफ ने एक दिन के वेंटिलेटर के इस्तेमाल करने का बिल 500 यूरो थमा दिया जो किसी कारणवश छूट गया था।* 

*जिसे देखकर वह बूढ़ा व्यक्ति ज़ोर ज़ोर से रोने लगा।* 

*उसे रोते देख के डॉक्टर ने उस बूढ़े व्यक्ति को कहा आप रोइए मत, यदि आप यह बिल नहीं भर सकते हैं तो जाने दीजिए।*

        *तब उस बूढ़े व्यक्ति ने एक ऐसी बात कही जिसे सुनकर सारा स्टॉफ रोने लग गया।* 

        *उसने कहा कि मैं बिल की रकम पर नहीं रो रहा और न ही मैं इसे चुकाने में असमर्थ हूँ, मैं यह बिल भर सकता हूँ।* 

*मैं तो इसीलिये रो रहा हूँ कि मैं 93 साल से ये सांसें ले रहा हूँ किन्तु मैंने कभी भी उसकी पेमेंट नहीं की। यदि एक दिन के सांस लेने की कीमत 500 यूरो है तो आपको पता है कि मुझे परमेश्वर को कितनी रकम चुकानी है ?* *इसके लिए मैंने कभी भी परमेश्वर का धन्यवाद नहीं किया।* *परमेश्वर का बनाया हुआ यह संसार, यह शरीर, ये सांसे अनमोल हैं जिनकी पेमेंट हम उसका धन्यवाद, उसकी स्तुति, बंदगी और उपासना* *करके कर सकते हैं ।।*

         *हर क्षण परमेश्वर का धन्यवाद कहो, शुक्रिया अदा करो , बख्शी गई हर एक सांस के लिए*.....

🙏🏻🙏🏻🙏🏻*इटली में कोरोना संक्रमण से एक 93 साल का बूढ़ा व्यक्ति ठीक हुआ और जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज होने लगा तब उसे उस अस्पताल के स्टॉफ ने एक दिन के वेंटिलेटर के इस्तेमाल करने का बिल 500 यूरो थमा दिया जो किसी कारणवश छूट गया था।* 

*जिसे देखकर वह बूढ़ा व्यक्ति ज़ोर ज़ोर से रोने लगा।* 

*उसे रोते देख के डॉक्टर ने उस बूढ़े व्यक्ति को कहा आप रोइए मत, यदि आप यह बिल नहीं भर सकते हैं तो जाने दीजिए।*

        *तब उस बूढ़े व्यक्ति ने एक ऐसी बात कही जिसे सुनकर सारा स्टॉफ रोने लग गया।* 

        *उसने कहा कि मैं बिल की रकम पर नहीं रो रहा और न ही मैं इसे चुकाने में असमर्थ हूँ, मैं यह बिल भर सकता हूँ।* 

*मैं तो इसीलिये रो रहा हूँ कि मैं 93 साल से ये सांसें ले रहा हूँ किन्तु मैंने कभी भी उसकी पेमेंट नहीं की। यदि एक दिन के सांस लेने की कीमत 500 यूरो है तो आपको पता है कि मुझे परमेश्वर को कितनी रकम चुकानी है ?* *इसके लिए मैंने कभी भी परमेश्वर का धन्यवाद नहीं किया।* *परमेश्वर का बनाया हुआ यह संसार, यह शरीर, ये सांसे अनमोल हैं जिनकी पेमेंट हम उसका धन्यवाद, उसकी स्तुति, बंदगी और उपासना* *करके कर सकते हैं ।।*

         *हर क्षण परमेश्वर का धन्यवाद कहो, शुक्रिया अदा करो , बख्शी गई हर एक सांस के लिए*.....

🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Tuesday, March 9, 2021

आशा तृष्णा न मिटे,मिट मिट जाए शरीर!!

 ज्ञानी के पास जो कुछ है उससे वह खुश है तथा जो कुछ नहीं है उससे भी वह प्रसन्न है। मूर्ख के पास जो भी है उससे वह नाखुश है और जो कुछ नहीं है उसके लिए अप्रसन्न। कोई व्यक्ति हमें दुख नहीं देता न ही जीवन में कोई वस्तु हमारे क्लेश का कारण होती है। यह तुम्हारा अपना मन है जो तुम्हे दुखी बनाता है एवं तुम्हारा खुद का मन ही तुम्हे प्रसन्न और उत्साहित बनाता है। यदि तुम्हारे पास जो कुछ भी है उससे तुम पूरी तरह से तृप्त हो तब जीवन में कोई चाह नहीं होती। यह महत्वपूर्ण है कि आकांक्षाएँ हों परंतु यदि अपनी महत्वाकांक्षा के बारे में तुम ज्वरग्रस्त हो वह अपने आप में एक अवरोध बन जाता है। नल की बहुत तेज़ धार के नीचे जब प्याले को रखा जाता है तो वह कभी नहीं भर सकेगा। नल के पानी को सही रफ्तार से बहाओगे तब प्याला भर पायेगा। यही होता है उन लोगों के साथ जो बहुत अधिक महत्वाकांक्षी या ज्वरग्रस्त हैं। बस संकल्प रखो " मैं यही चाह्ता हूँ"-और जाने दो।गुरूदेव

Monday, March 1, 2021

BREATH सांस कैसे ले...!!!

 BREATH


I noticed a child monk—he can’t have been more than ten years old—teaching a group of five-year-olds. He had a great aura about him, the poise and confidence of an adult.


“What are you doing?” I asked.


“We just taught their first class ever,” he said, then asked me, “What did you learn in your first day of school?”


“I started to learn the alphabet and numbers. What did they learn?”


“The first thing we teach them is how to breathe.”


“Why?” I asked.


“Because the only thing that stays with you from the moment you’re born until the moment you die is your breath. All your friends, your family, the country you live in, all of that can change " The one thing that stays with you is your breath🙏 #jealth #healing #life #yoga #meditation #breathe

Thursday, February 18, 2021

"मैं न होता तो क्या होता?"

 सुंदरकांड में एक प्रसंग अवश्य पढ़ें !


*“मैं न होता, तो क्या होता?”*


“अशोक वाटिका" में जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा, तब हनुमान जी को लगा, कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सर काट लेना चाहिये!


किन्तु, अगले ही क्षण, उन्हों ने देखा "मंदोदरी" ने रावण का हाथ पकड़ लिया ! 

यह देखकर वे गदगद हो गये! वे सोचने लगे, यदि मैं आगे बड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता, तो सीता जी को कौन बचाता?


बहुधा हमको ऐसा ही भ्रम हो जाता है, मैं न होता, तो क्या होता ? 

परन्तु ये क्या हुआ?

सीताजी को बचाने का कार्य प्रभु ने रावण की पत्नी को ही सौंप दिया! तब हनुमान जी समझ गये, कि प्रभु जिससे जो कार्य लेना चाहते हैं, वह उसी से लेते हैं!


आगे चलकर जब "त्रिजटा" ने कहा कि "लंका में बंदर आया हुआ है, और वह लंका जलायेगा!" तो हनुमान जी बड़ी चिंता मे पड़ गये, कि प्रभु ने तो लंका जलाने के लिए कहा ही नहीं है, और त्रिजटा कह रही है कि उन्होंने स्वप्न में देखा है, एक वानर ने लंका जलाई है! अब उन्हें क्या करना चाहिए? जो प्रभु इच्छा!


जब रावण के सैनिक तलवार लेकर हनुमान जी को मारने के लिये दौड़े, तो हनुमान ने अपने को बचाने के लिए तनिक भी चेष्टा नहीं की, और जब "विभीषण" ने आकर कहा कि दूत को मारना अनीति है, तो हनुमान जी समझ गये कि मुझे बचाने के लिये प्रभु ने यह उपाय कर दिया है!


आश्चर्य की पराकाष्ठा तो तब हुई, जब रावण ने कहा कि बंदर को मारा नहीं जायेगा, पर पूंछ मे कपड़ा लपेट कर, घी डालकर, आग लगाई जाये, तो हनुमान जी सोचने लगे कि लंका वाली त्रिजटा की बात सच थी, वरना लंका को जलाने के लिए मै कहां से घी, तेल, कपड़ा लाता, और कहां आग ढूंढता? पर वह प्रबन्ध भी आपने रावण से करा दिया! जब आप रावण से भी अपना काम करा लेते हैं, तो मुझसे करा लेने में आश्चर्य की क्या बात है !


इसलिये सदैव याद रखें, कि संसार में जो हो रहा है, वह सब ईश्वरीय विधान है! 

हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं! 

इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि...

*मै न होता, तो क्या होता ?*

Saturday, February 13, 2021

God Bless you...!!

 There are people who secretly live in pain. They have sleepless nights but manage to wake up in the morning to face another day. May GOD heal and strengthens you in whatever you're going through. It's not easy to put a smile with a broken soul.

Thursday, February 11, 2021

 🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻


एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। 

वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई। 

वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। 

उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम  थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों ही करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फंस गए। 

दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था। 

थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है? 

बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।

 गाय ने कहा, लेकिन तुम्हारी उस शक्ति का यहां पर क्या उपयोग है? 

उस बाघ ने कहा, तुम भी तो फंस गई हो और मरने के करीब हो। तुम्हारी भी तो हालत मेरे जैसी ही  है।


गाय ने मुस्कुराते हुए कहा,.... बिलकुल नहीं। मेरा मालिक जब शाम को घर आएगा और मुझे वहां पर नहीं पाएगा तो वह ढूंढते हुए यहां जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा। तुम्हें कौन ले जाएगा? 


थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकालकर अपने घर ले गया। 

जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञता पूर्वक देख रहे थे। वे चाहते हुए भी उस बाघ को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे, क्योंकि उनकी जान के लिए वह खतरा था।


*गाय ----समर्पित ह्रदय का प्रतीक है।* 


*बाघ ----अहंकारी मन है।*


 और 


*मालिक---- ईश्वर का प्रतीक है।* 


*कीचड़---- यह संसार है।*


 और


*यह संघर्ष---- अस्तित्व की लड़ाई है।* 


*किसी पर निर्भर नहीं होना अच्छी बात है, लेकिन मैं ही सब कुछ हूं, मुझे किसी के सहयोग की आवश्यकता नहीं है, यही अहंकार है, और यहीं से विनाश का बीजारोपण हो जाता है।*

   

  *ईश्वर से बड़ा इस दुनिया में सच्चा हितैषी कोई नहीं होता, क्यौंकि वही अनेक रूपों में हमारी रक्षा करता है।*


🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻

 "एक प्रश्न, स्वयं से.!"


ईमानदारी से बतायें कि आपका जीवन साथी कौन है..???

माँ...?

पिता...?

बीवी...?

बेटा...?

पति...?

बेटी... या फिर...

दोस्त...????


यकीन मानिये ये सब बिल्कुल नहीं..!


आपका असली जीवन साथी है, आपका शरीर...!


एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।


आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।


जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाता है।


आप क्या खाते हो..?

फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं..?

आप तनाव से कैसे निपटते हैं..?

हां एक बात और...

आप जितना आराम करेंगे,

आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।


याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।


आपका शरीर ही आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही  कर सकता ।


आपका शरीर आपकी 

ज़िम्मेदारी है।

इसलिये,

आप ही हो इसके असली जीवनसाथी।

इसलिए

हमेशा के लिए फिट रहो.!

अपना ख्याल रखो..!


पैसा आता है और चला जाता है,

रिश्तेदार और दोस्त भी

स्थायी नहीं हैं।


याद रखिये,

कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।


तो फिर आप अपने जीवनसाथी शरीर के लिए करें:- 

●प्राणायाम - फेफड़ों के लिए,

●ध्यान - मन के लिए,

●योग-आसन - शरीर के लिए,

●चलना - दिल के लिए,

●अच्छा भोजन -आंतों के लिए,

●अच्छे विचार -आत्मा के लिए,

●अच्छे  कर्म -दुनिया के लिए.!

                   इसलिए मस्त रहो, स्वस्थ रहो, फिट रहो और प्रसन्न रहो।"एक प्रश्न, स्वयं से.!"


ईमानदारी से बतायें कि आपका जीवन साथी कौन है..???

माँ...?

पिता...?

बीवी...?

बेटा...?

पति...?

बेटी... या फिर...

दोस्त...????


यकीन मानिये ये सब बिल्कुल नहीं..!


आपका असली जीवन साथी है, आपका शरीर...!


एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।


आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।


जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाता है।


आप क्या खाते हो..?

फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं..?

आप तनाव से कैसे निपटते हैं..?

हां एक बात और...

आप जितना आराम करेंगे,

आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।


याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।


आपका शरीर ही आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही कर सकता ।


आपका शरीर आपकी 

ज़िम्मेदारी है।

इसलिये,

आप ही हो इसके असली जीवनसाथी।

इसलिए

हमेशा के लिए फिट रहो.!

अपना ख्याल रखो..!


पैसा आता है और चला जाता है,

रिश्तेदार और दोस्त भी

स्थायी नहीं हैं।


याद रखिये,

कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।


तो फिर आप अपने जीवनसाथी शरीर के लिए करें:- 

●प्राणायाम - फेफड़ों के लिए,

●ध्यान - मन के लिए,

●योग-आसन - शरीर के लिए,

●चलना - दिल के लिए,

●अच्छा भोजन -आंतों के लिए,

●अच्छे विचार -आत्मा के लिए,

●अच्छे कर्म -दुनिया के लिए.!

                   इसलिए मस्त रहो, स्वस्थ रहो, फिट रहो और प्रसन्न रहो।

Tuesday, February 2, 2021

REALITY...OF..LIFE


*|||||||| "ये ही सत्य हैं" |||||*


 *Qus→   जीवन का उद्देश्य क्या है ?*

Ans→  जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!

*Qus→  जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ?* 

Ans→  जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!

*Qus→  संसार में दुःख क्यों है ?*

Ans→  लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!

*Qus→  ईश्वर ने दुःख की रचना क्यों की ?*

Ans→  ईश्वर ने संसारकी रचना की और मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!

*Qus→  क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?*

 Ans→   कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में 'ईश्वर' कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!

*Qus→   भाग्य क्या है ?*

Ans→  हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!

*Qus→   इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?* 

Ans→   रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!

*Qus→   किस चीज को गंवाकर मनुष्यधनी बनता है ?*

Ans→   लोभ..!!

*Qus→   कौन सा एकमात्र उपाय है जिससे जीवन सुखी हो जाता है?* 

Ans →   अच्छा स्वभाव ही सुखी होने का उपाय है..!!

*Qus →   किस चीज़ के खो जानेपर दुःख नहीं होता ?*

Ans →   क्रोध..!!

*Qus→   धर्म से बढ़कर संसार में और क्या है ?*

Ans →   दया..!!

*Qus→   क्या चीज़ दुसरो को नहीं देनी चाहिए ?*

Ans→   तकलीफें, धोखा..!!

*Qus→   क्या चीज़ है, जो दूसरों से कभी भी नहीं लेनी चाहिए ?*

Ans→   इज़्ज़त, किसी की हाय..!!  

*Qus→   ऐसी चीज़ जो जीवों से सब कुछ करवा सकती है?*

Ans→   मज़बूरी..!!🌸

*Qus→   दुनियां की अपराजित चीज़ ?*

Ans→  सत्य..!!

*Qus→ दुनियां में सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ ?*

 Ans→   झूठ..!!💜

*Qus→   करने लायक सुकून काकार्य ?*

Ans→ परोपकार..!!🌸

*Qus→   दुनियां की सबसे बुरी लत ?*

Ans→ मोह..!!💝

*Qus→   दुनियां का स्वर्णिम स्वप्न ?*

Ans→   जिंदगी..!!🍀

*Qus→   दुनियां की अपरिवर्तनशील चीज़ ?*

Ans→   मौत..!!💜

*Qus→   ऐसी चीज़ जो स्वयं के भी समझ ना आये ?*

Ans→   अपनी मूर्खता..!!🌸

*Qus→   दुनियां में कभी भी नष्ट/ नश्वर न होने वाली चीज़ ?*

Ans→   आत्मा और ज्ञान..!!💝

*Qus→   कभी न थमने वाली चीज़ ?*

Ans→   समय..

🙏🙏🙏