Thursday, February 18, 2021

"मैं न होता तो क्या होता?"

 सुंदरकांड में एक प्रसंग अवश्य पढ़ें !


*“मैं न होता, तो क्या होता?”*


“अशोक वाटिका" में जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा, तब हनुमान जी को लगा, कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सर काट लेना चाहिये!


किन्तु, अगले ही क्षण, उन्हों ने देखा "मंदोदरी" ने रावण का हाथ पकड़ लिया ! 

यह देखकर वे गदगद हो गये! वे सोचने लगे, यदि मैं आगे बड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता, तो सीता जी को कौन बचाता?


बहुधा हमको ऐसा ही भ्रम हो जाता है, मैं न होता, तो क्या होता ? 

परन्तु ये क्या हुआ?

सीताजी को बचाने का कार्य प्रभु ने रावण की पत्नी को ही सौंप दिया! तब हनुमान जी समझ गये, कि प्रभु जिससे जो कार्य लेना चाहते हैं, वह उसी से लेते हैं!


आगे चलकर जब "त्रिजटा" ने कहा कि "लंका में बंदर आया हुआ है, और वह लंका जलायेगा!" तो हनुमान जी बड़ी चिंता मे पड़ गये, कि प्रभु ने तो लंका जलाने के लिए कहा ही नहीं है, और त्रिजटा कह रही है कि उन्होंने स्वप्न में देखा है, एक वानर ने लंका जलाई है! अब उन्हें क्या करना चाहिए? जो प्रभु इच्छा!


जब रावण के सैनिक तलवार लेकर हनुमान जी को मारने के लिये दौड़े, तो हनुमान ने अपने को बचाने के लिए तनिक भी चेष्टा नहीं की, और जब "विभीषण" ने आकर कहा कि दूत को मारना अनीति है, तो हनुमान जी समझ गये कि मुझे बचाने के लिये प्रभु ने यह उपाय कर दिया है!


आश्चर्य की पराकाष्ठा तो तब हुई, जब रावण ने कहा कि बंदर को मारा नहीं जायेगा, पर पूंछ मे कपड़ा लपेट कर, घी डालकर, आग लगाई जाये, तो हनुमान जी सोचने लगे कि लंका वाली त्रिजटा की बात सच थी, वरना लंका को जलाने के लिए मै कहां से घी, तेल, कपड़ा लाता, और कहां आग ढूंढता? पर वह प्रबन्ध भी आपने रावण से करा दिया! जब आप रावण से भी अपना काम करा लेते हैं, तो मुझसे करा लेने में आश्चर्य की क्या बात है !


इसलिये सदैव याद रखें, कि संसार में जो हो रहा है, वह सब ईश्वरीय विधान है! 

हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं! 

इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि...

*मै न होता, तो क्या होता ?*

Saturday, February 13, 2021

God Bless you...!!

 There are people who secretly live in pain. They have sleepless nights but manage to wake up in the morning to face another day. May GOD heal and strengthens you in whatever you're going through. It's not easy to put a smile with a broken soul.

Thursday, February 11, 2021

 🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻🌄🙏🏻


एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। 

वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई। 

वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। 

उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम  थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों ही करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फंस गए। 

दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था। 

थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है? 

बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।

 गाय ने कहा, लेकिन तुम्हारी उस शक्ति का यहां पर क्या उपयोग है? 

उस बाघ ने कहा, तुम भी तो फंस गई हो और मरने के करीब हो। तुम्हारी भी तो हालत मेरे जैसी ही  है।


गाय ने मुस्कुराते हुए कहा,.... बिलकुल नहीं। मेरा मालिक जब शाम को घर आएगा और मुझे वहां पर नहीं पाएगा तो वह ढूंढते हुए यहां जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा। तुम्हें कौन ले जाएगा? 


थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकालकर अपने घर ले गया। 

जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञता पूर्वक देख रहे थे। वे चाहते हुए भी उस बाघ को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे, क्योंकि उनकी जान के लिए वह खतरा था।


*गाय ----समर्पित ह्रदय का प्रतीक है।* 


*बाघ ----अहंकारी मन है।*


 और 


*मालिक---- ईश्वर का प्रतीक है।* 


*कीचड़---- यह संसार है।*


 और


*यह संघर्ष---- अस्तित्व की लड़ाई है।* 


*किसी पर निर्भर नहीं होना अच्छी बात है, लेकिन मैं ही सब कुछ हूं, मुझे किसी के सहयोग की आवश्यकता नहीं है, यही अहंकार है, और यहीं से विनाश का बीजारोपण हो जाता है।*

   

  *ईश्वर से बड़ा इस दुनिया में सच्चा हितैषी कोई नहीं होता, क्यौंकि वही अनेक रूपों में हमारी रक्षा करता है।*


🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻

 "एक प्रश्न, स्वयं से.!"


ईमानदारी से बतायें कि आपका जीवन साथी कौन है..???

माँ...?

पिता...?

बीवी...?

बेटा...?

पति...?

बेटी... या फिर...

दोस्त...????


यकीन मानिये ये सब बिल्कुल नहीं..!


आपका असली जीवन साथी है, आपका शरीर...!


एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।


आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।


जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाता है।


आप क्या खाते हो..?

फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं..?

आप तनाव से कैसे निपटते हैं..?

हां एक बात और...

आप जितना आराम करेंगे,

आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।


याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।


आपका शरीर ही आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही  कर सकता ।


आपका शरीर आपकी 

ज़िम्मेदारी है।

इसलिये,

आप ही हो इसके असली जीवनसाथी।

इसलिए

हमेशा के लिए फिट रहो.!

अपना ख्याल रखो..!


पैसा आता है और चला जाता है,

रिश्तेदार और दोस्त भी

स्थायी नहीं हैं।


याद रखिये,

कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।


तो फिर आप अपने जीवनसाथी शरीर के लिए करें:- 

●प्राणायाम - फेफड़ों के लिए,

●ध्यान - मन के लिए,

●योग-आसन - शरीर के लिए,

●चलना - दिल के लिए,

●अच्छा भोजन -आंतों के लिए,

●अच्छे विचार -आत्मा के लिए,

●अच्छे  कर्म -दुनिया के लिए.!

                   इसलिए मस्त रहो, स्वस्थ रहो, फिट रहो और प्रसन्न रहो।"एक प्रश्न, स्वयं से.!"


ईमानदारी से बतायें कि आपका जीवन साथी कौन है..???

माँ...?

पिता...?

बीवी...?

बेटा...?

पति...?

बेटी... या फिर...

दोस्त...????


यकीन मानिये ये सब बिल्कुल नहीं..!


आपका असली जीवन साथी है, आपका शरीर...!


एक बार जब आपका शरीर जवाब देना बंद कर देता है तो कोई भी आपके साथ नहीं है।


आप और आपका शरीर जन्म से लेकर मृत्यु तक एक साथ रहते हैं।


जितना अधिक आप इसकी परवाह करते हैं, उतना ही ये आपका साथ निभाता है।


आप क्या खाते हो..?

फ़िट होने के लिए आप क्या करते हैं..?

आप तनाव से कैसे निपटते हैं..?

हां एक बात और...

आप जितना आराम करेंगे,

आपका शरीर वैसा ही जवाब देगा।


याद रखें कि आपका शरीर एकमात्र स्थायी पता है जहां आप रहते हैं।


आपका शरीर ही आपकी संपत्ति है, जो कोई और साझा नही कर सकता ।


आपका शरीर आपकी 

ज़िम्मेदारी है।

इसलिये,

आप ही हो इसके असली जीवनसाथी।

इसलिए

हमेशा के लिए फिट रहो.!

अपना ख्याल रखो..!


पैसा आता है और चला जाता है,

रिश्तेदार और दोस्त भी

स्थायी नहीं हैं।


याद रखिये,

कोई भी आपके अलावा आपके शरीर की मदद नहीं कर सकता है।


तो फिर आप अपने जीवनसाथी शरीर के लिए करें:- 

●प्राणायाम - फेफड़ों के लिए,

●ध्यान - मन के लिए,

●योग-आसन - शरीर के लिए,

●चलना - दिल के लिए,

●अच्छा भोजन -आंतों के लिए,

●अच्छे विचार -आत्मा के लिए,

●अच्छे कर्म -दुनिया के लिए.!

                   इसलिए मस्त रहो, स्वस्थ रहो, फिट रहो और प्रसन्न रहो।

Tuesday, February 2, 2021

REALITY...OF..LIFE


*|||||||| "ये ही सत्य हैं" |||||*


 *Qus→   जीवन का उद्देश्य क्या है ?*

Ans→  जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!

*Qus→  जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ?* 

Ans→  जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!

*Qus→  संसार में दुःख क्यों है ?*

Ans→  लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!

*Qus→  ईश्वर ने दुःख की रचना क्यों की ?*

Ans→  ईश्वर ने संसारकी रचना की और मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!

*Qus→  क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?*

 Ans→   कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में 'ईश्वर' कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!

*Qus→   भाग्य क्या है ?*

Ans→  हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!

*Qus→   इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?* 

Ans→   रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!

*Qus→   किस चीज को गंवाकर मनुष्यधनी बनता है ?*

Ans→   लोभ..!!

*Qus→   कौन सा एकमात्र उपाय है जिससे जीवन सुखी हो जाता है?* 

Ans →   अच्छा स्वभाव ही सुखी होने का उपाय है..!!

*Qus →   किस चीज़ के खो जानेपर दुःख नहीं होता ?*

Ans →   क्रोध..!!

*Qus→   धर्म से बढ़कर संसार में और क्या है ?*

Ans →   दया..!!

*Qus→   क्या चीज़ दुसरो को नहीं देनी चाहिए ?*

Ans→   तकलीफें, धोखा..!!

*Qus→   क्या चीज़ है, जो दूसरों से कभी भी नहीं लेनी चाहिए ?*

Ans→   इज़्ज़त, किसी की हाय..!!  

*Qus→   ऐसी चीज़ जो जीवों से सब कुछ करवा सकती है?*

Ans→   मज़बूरी..!!🌸

*Qus→   दुनियां की अपराजित चीज़ ?*

Ans→  सत्य..!!

*Qus→ दुनियां में सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ ?*

 Ans→   झूठ..!!💜

*Qus→   करने लायक सुकून काकार्य ?*

Ans→ परोपकार..!!🌸

*Qus→   दुनियां की सबसे बुरी लत ?*

Ans→ मोह..!!💝

*Qus→   दुनियां का स्वर्णिम स्वप्न ?*

Ans→   जिंदगी..!!🍀

*Qus→   दुनियां की अपरिवर्तनशील चीज़ ?*

Ans→   मौत..!!💜

*Qus→   ऐसी चीज़ जो स्वयं के भी समझ ना आये ?*

Ans→   अपनी मूर्खता..!!🌸

*Qus→   दुनियां में कभी भी नष्ट/ नश्वर न होने वाली चीज़ ?*

Ans→   आत्मा और ज्ञान..!!💝

*Qus→   कभी न थमने वाली चीज़ ?*

Ans→   समय..

🙏🙏🙏