Wednesday, September 25, 2019

मोरल स्टोरी ---प्रकृति का नियम

प्रकृति  का पहला  नियम:-
यदि खेत में बीज न डालें जाएं
तो कुदरत उसे घास-फूस से भर देती हैं ।
ठीक उसी तरह से  दिमाग में सकारात्मक विचार न भरे जाएँ
तो नकारात्मक विचार दिमाग़ में अपनी जगह बना ही लेती है ।

 प्रकृति का दूसरा नियम:-
जिसके पास जो होता है वह वही बांटता  है।
सुखी "सुख  "बांटता है
दुःखी  "दुःख " बांटता  है
ज्ञानी "ज्ञान" बांटता है
भ्रमित  "भ्रम "बांटता है
भयभीत" भय "बांटता हैं

प्रकृति का तीसरा नियम:-
आपको  जीवन से जो कुछ भी मिलें  उसे पचाना सीखिये---- क्योंकि
भोजन  न पचने  पर रोग बढते है।
पैसा न पचने  पर दिखावा बढता है
बात  न पचने पर चुगली  बढती है ।
प्रशंसा  न पचने पर  अंहकार  बढता है।
निंदा  न पचने पर  दुश्मनी  बढती है ।
राज न पचने पर  खतरा  बढता है ।
दुःख  न पचने पर  निराशा बढती है ।
और सुख न पचने पर  पाप बढता है ।
बात  कडुवी बहुत  है
:पर सत्य  है:

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