Monday, October 14, 2019

:हीलिंग: रिदमिक ब्रीथिंग इंट्रोडक्शन ok

 हीलिंग ....... रिदमिक ब्रीथिंग इंट्रोडक्शन। ..

*समस्त मनोकामनाओ को सिद्ध करने,
*परम आनंद को प्राप्त करने,
*उस परम शक्ति को जानने,
*जिससे जुड़ते ही हमारी समस्त समस्याएँ स्वतः ही समाप्त हो जाती है,
*मन के दर्पण से,उस पर चड़ी हुई धूल स्वतः ही साफ हो जाती है
*सब कुछ सु स्पष्ट नज़र आने लगता है,यानि ज्ञान चक्षु,
*मन की आंखे खुल जाती है
 *हमारा तारतम्य उस परम् शक्ति से हो जाता है जहाँ कुछ भी होना असंभव नहीं है
,*इस क्रिया की पहली एवं अहम् सीढी है
 *"प्राण-आ-याम" स्वांस लेने और छोड़ने का एक चक्र,आयाम,स्वाँस लेने की रिदम में मामूली सा परिवर्तन एक नई विधि को जन्म देता है,
जिसका निरंतर प्रयास फिर अभ्यास हमे परम् आनन्द से जोड़ देता,
जिससे जुड़ते ही समस्त भौतिक,दैहिक देविक तापो में कमी आना शुरू हो जाती है व धीरे धीरे समस्त कठिनाइयां समाप्त होने लगती है,मानसिक शांति स्वतः महसूस होने लगती है
उन कठिनाइयों से जूझने व उन पर विजय प्राप्त करने के उपाय स्वयं प्रकट होने लगते है,
इन सब बातों का कदापि यह आशय नही है कि जीवन मे कभी कोई कठिनाई आएगी ही नहीं,
अगर आएगी तो उससे बचने,मुकाबला करने का सामर्थ्य भी स्वतः ही प्राप्त होने लगेगा
,हमे कोई कठिनाई कभी विचलित नही कर पायेगी और हम सम हो जाएंगे।

******मेन्टल पीस फॉर यू******"
जीवन की सारी भागदौड़, संघर्ष का अंतिम लक्ष्य "सुख और शांति" की प्राप्ति ही है,जितनी भी भौतिक वस्तुए,जैसे कार,बँगला ,पैसा,परिवार,पैसा,मानसन्मान,पद प्रतिष्ठा पाने का अंतिम लक्ष्य होता है
बस हमको ख़ुशी मिले,आनंद मिले,मानसिक शांति मिले। 
"इंस्टेंट मेन्टल पीस फॉर यू" मानसिक शान्ति आपके लिए  वह भी तुरंत अभी इसी वक़्त तुरंत!!!!
हमने अपने ४० वर्ष के अनुभव के आधार पर अत्यंत सूक्ष्म विधियों का अनुसन्धान किया है जिससे आपको तुरंत शांति की अनुभूति हो जब हृदय मस्तिष्क व् शरीर शांत व् स्थिर होंगे,उसके बाद किसी भी इच्छा पूर्ण होने में समय नहीं लगता,इन बताई हुई विधियों का नियमित अभ्यास करें और स्वयं महसूस करे.
 यह इंस्टेंट सेशन है, अत; बातो में ज्यादा समय बर्बाद करते हुए प्रयोग एवं अभ्यास करे और अनुभूति करे मानसिक शांति की.. जिसकी खोज हर व्यक्ति को होती है.
 अगर हम पिन पॉइंट करे कि हम "आखिर" चाहते क्या हैं हरेक का एक ही उत्तर होता है हैप्पीनेस!!
 हम यहाँ हम प्रयोग करेंगे,प्रयास करेंगे,अभ्यास करेंगे और पहले सिद्ध करेंगे हैप्पीनेस और उसके पीछे खींची चली आएँगी हेल्थ,वेल्थ,प्रोस्पेरिटी और भी बहुत कुछ जिसकी अपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी,.

इंट्रोडक्शन ;
सबसे पहले हम सीखेंगे साँस लेने की सही विधि जिसके सीखते सीखते ही आपको शांति की अनुभूति होना शुरू हो जाएगी।क्योकि जीवन और मृत्यु के बीच सिर्फ एक साँस की डोर है जो हमें साडी अनुभूतियों से जोड़े रखती है यह साँस जीवन की सर्वाधिक आवश्यक क्रिया है लेकिन हम सबसे ज्यादा लापरवाह स्वास के प्रति रहते है और यह मानते है की यह तो सामान्य प्रक्रिया है और जो बिना प्रयास के निरंतर चलती है और चलती रहेगी,जबकि ऐसा नहीं है 

विधि :
सबसे पहले सामन्य गति से दोनों नाक छिद्रो से  स्वास लीजिये और छोड़िये बस महसूस कीजिये की स्वास आ रही है और जा रहे है,

  • अब एक नाक से साँस लेना व् दूसरे से छोड़ना बस इसकी गहराई बढ़ा दीजिये,स्वास क्रिया को मध्यम गति से करे. 
  •  अब बस साँस छोड़ना यानि खाली करना है वह भी मध्यम गति से  
  • मुँह से साँस लेना और मुँह से ही साँस छोड़ना थोड़ा तेज़ गति से। 
  • इसके बाद पुनः सामन्य गति से स्वास लीजिये और छोड़िये। 
  • बस इस प्रक्रिया को कमसे काम 11 दिन तक नियमित एक निर्धारित समय पर निर्धारित स्थान पर करे, 
  • और रोज परिवर्तन महसूस कीजिये हर रोज कुछ न कुछ शांति मिलना शुरू हो जाएगी,पहले से अच्छा लगना शुरू हो जायेगा, 
  • आज के लिए बस इतना ही,............
  •  इसके आगे बढ़ेंगे जब आप नियमित 11 दिन तक इस बेसिक कोर्स पूरा कर लेते है,
  • यानि अब भूमिका  बन गई आगे बढ़ने के लिए।और आप तैयार हो गए आगे बढ़ने के लिए अबतक आपको समझ आ गया होगा  स्वास की इम्पोर्टेन्स। ..   


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