Saturday, August 5, 2023

Friends…Day

 *Harivansh Rai Bachhan's poem on FRIENDSHIP :*

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....मै यादों का

    किस्सा खोलूँ तो,

    कुछ दोस्त बहुत

    याद आते हैं....


...मै गुजरे पल को सोचूँ 

   तो, कुछ दोस्त 

   बहुत याद आते हैं....

 

_...अब जाने कौन सी नगरी में,_

_...आबाद हैं जाकर मुद्दत से....😔_


....मै देर रात तक जागूँ तो ,

    कुछ दोस्त 

    बहुत याद आते हैं....


....कुछ बातें थीं फूलों जैसी,

....कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

....मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,

....कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.


_...सबकी जिंदगी बदल गयी,_

_...एक नए सिरे में ढल गयी,_😔


_...किसी को नौकरी से फुरसत नही..._

_...किसी को दोस्तों की जरुरत नही...._😔


_...सारे यार गुम हो गये हैं..._

...."तू" से "तुम" और "आप" हो गये है....


....मै गुजरे पल को सोचूँ 

    तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....


_...धीरे धीरे उम्र कट जाती है..._

_...जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,_😔

_...कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है..._

  _और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है ..._😔


....किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते, 

....फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते...


_....जी लो इन पलों को हस के दोस्त,_😁

    _फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते ...._


*....हरिवंशराय बच्चन* 


_Dedicated to all freinds._


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