पांच मिनिट में तनाव दूर करे सूत्र एक से आगे सूत्र- 2
आइये बिना समय गंवाए शुरू करते है-----
सबसे पहले जहाँ भी है वहां आराम से बैठ जाये
शरीर ढीला छोड़ दे कंधे ढीले छोड़ दे पैर सीधे रिलेक्स मुद्रा में
रीढ़ की हड्डी सीढ़ी रखे यानि सीधे बैठ जाये
अब धीरे धीरे सांस अंदर भरे
अब धीरे धीरे साँस बहार छोड़े
४,३,२,१ साँस अंदर भरे
१,२,३,४,साँस बाहर छोड़े
अब अपने पेट पर नाभि के ऊपर हाथ रखें और साँस अंदर भरे ४,३,२,१,अपने पेट में साँस जा रही है और पेट फूल रहा है इसे महसूस करे यानि आप साँस ढीक तरह से ले रहे है,
अब १,२,३,४ साँस को थोड़ा प्रेशर के साथ बाहर की ओर छोड़े, पेट को अंदर की ओर सिकोड़े, महसूस करे सारी निगेटिविटी,टॉक्सिन ,थकान ,तनाव,घबराहट इत्यादि बाहर जा रहे है,
इस प्रक्रिया को 11 बार दोहराये,
अब सामन्य गति से साँस ले,अपने हाथो
को अपने घुटनो पर आराम से रख ले
*अब सबसे पहले ध्यान अपने स्कल यानि सर पर ले जाये और महसूस करे की सर से सारे तनाव हट रहे है और सर के ऊपर की स्किन रिलेक्स हो रही,
*इसके बाद अपना पूरा ध्यान माथे के ऊपर ले जाये और महसूस करे कि माथे को पूरी तरह से रिलेक्स स्ट्रेस बिलकुल हटा दे,
* इसके बाद फेस चेहेरे पर अपना ध्यान ले जाये और महसूस करे चेहरा रिलेक्स हो रहा है कोई तनाव नहीं है,
इसके बाद आँखों की पलकों पर ध्यान। ........
इसके बाद गले पर ध्यान
इसके बाद कंधो को रिलेक्स करे
हाथो को रिलेक्स करे
अब अपने सीने को रिलेक्स करे
अब अपनी पीठ को रिलेक्स करे
ान अपने पेट को रिलेक्स करे
अब पेट के अंदर जितने भी ऑर्गन्स है उन्हें रिलेक्स करे
अब अपने हार्ट,लग्स को रिलेक्स कड्रंक रे
अब अपने लोवे एब्डॉमिन को रिलेक्स करे
अपने पैरो को रिलेक्स करे
पैर के पंजो को रिलेक्स करे
अब मेहसुस करे की आपका पूरा शरीर रिलेक्स हो गया है,
अगर आपको किसी भी अंग म,इ तनाव महसूस हो रहा हो तो अपना ध्यान वहाँ ले जाये और महसूस करे शरीर के सभी अंग,प्रत्यंग,नस नदी हड्डियां,रलेक्स हो गई है और सभी अंग अपने अपने कार्य बड़ी कुशलता से कर रहे है क्योकि अब उनपर कोई तनाव नहीं है,
अब अंत में अपना ध्यान अपने दिमाग पर ले जाये और अपने मस्तिष्क को शांत करे रिलेक्स करे
क्योकि यही है "ड्रंकन-मंकी"इसको कबूं करना सबसे कठिन काम है,बस इसे शांत करना है,
अब आराम से गहरी साँस बिना किसी प्रयास के लीजिये और छोड़िये ध्यान सांसो की आवागमन पर
यह प्रक्रिया निरंतर चले जितनी भी देर तक सकते है,
इस पूरी प्रक्रिया में कमसे काम ६० मिनिट्स लगने चाहिए,
इसके बढ़ धीरे धीरे अपने शरीर को थोड़ा थोड़ा हिलाये अपनी हथेलियों को धीरे धीरे रगड़े,फिर इन हथेलियों को अपनी आँखों पर लगाए व् चेरे पर लगाए,
अपनी आंखे खोल ले
और महसूस करे फ्रेशनेस,शांति,तनावमुक्ति,प्रसन्नता,इत्यादि इत्यादि।।।।।
धीरे से खड़े हो जाएँ।
अब इसके बाद अपने अनभवों को पुनः महसूस करे,और इन्हे लिख डेल,
अब दिन प्रतिदी प्रगति होगी फर्क महसूस होगा लेकिन जब तक रोज के अनुभव लिखेंगे नहीं तब तक पता कैसे चलेगा की प्रगति हो रही है,
आज बस इतना है..
अगले सत्र में बात करेंगे सेल्फ हीलिंग पर जब तक तनाव मुक्त रहे,सबसे प्रेम करे,क्रोध न करे,शांत रहे,देखिये आपकी हर इच्छा अपने आप प्रकृति पूरी करती है,
आइये बिना समय गंवाए शुरू करते है-----
सबसे पहले जहाँ भी है वहां आराम से बैठ जाये
शरीर ढीला छोड़ दे कंधे ढीले छोड़ दे पैर सीधे रिलेक्स मुद्रा में
रीढ़ की हड्डी सीढ़ी रखे यानि सीधे बैठ जाये
अब धीरे धीरे सांस अंदर भरे
अब धीरे धीरे साँस बहार छोड़े
४,३,२,१ साँस अंदर भरे
१,२,३,४,साँस बाहर छोड़े
अब अपने पेट पर नाभि के ऊपर हाथ रखें और साँस अंदर भरे ४,३,२,१,अपने पेट में साँस जा रही है और पेट फूल रहा है इसे महसूस करे यानि आप साँस ढीक तरह से ले रहे है,
अब १,२,३,४ साँस को थोड़ा प्रेशर के साथ बाहर की ओर छोड़े, पेट को अंदर की ओर सिकोड़े, महसूस करे सारी निगेटिविटी,टॉक्सिन ,थकान ,तनाव,घबराहट इत्यादि बाहर जा रहे है,
इस प्रक्रिया को 11 बार दोहराये,
अब सामन्य गति से साँस ले,अपने हाथो
को अपने घुटनो पर आराम से रख ले
*अब सबसे पहले ध्यान अपने स्कल यानि सर पर ले जाये और महसूस करे की सर से सारे तनाव हट रहे है और सर के ऊपर की स्किन रिलेक्स हो रही,
*इसके बाद अपना पूरा ध्यान माथे के ऊपर ले जाये और महसूस करे कि माथे को पूरी तरह से रिलेक्स स्ट्रेस बिलकुल हटा दे,
* इसके बाद फेस चेहेरे पर अपना ध्यान ले जाये और महसूस करे चेहरा रिलेक्स हो रहा है कोई तनाव नहीं है,
इसके बाद आँखों की पलकों पर ध्यान। ........
इसके बाद गले पर ध्यान
इसके बाद कंधो को रिलेक्स करे
हाथो को रिलेक्स करे
अब अपने सीने को रिलेक्स करे
अब अपनी पीठ को रिलेक्स करे
ान अपने पेट को रिलेक्स करे
अब पेट के अंदर जितने भी ऑर्गन्स है उन्हें रिलेक्स करे
अब अपने हार्ट,लग्स को रिलेक्स कड्रंक रे
अब अपने लोवे एब्डॉमिन को रिलेक्स करे
अपने पैरो को रिलेक्स करे
पैर के पंजो को रिलेक्स करे
अब मेहसुस करे की आपका पूरा शरीर रिलेक्स हो गया है,
अगर आपको किसी भी अंग म,इ तनाव महसूस हो रहा हो तो अपना ध्यान वहाँ ले जाये और महसूस करे शरीर के सभी अंग,प्रत्यंग,नस नदी हड्डियां,रलेक्स हो गई है और सभी अंग अपने अपने कार्य बड़ी कुशलता से कर रहे है क्योकि अब उनपर कोई तनाव नहीं है,
अब अंत में अपना ध्यान अपने दिमाग पर ले जाये और अपने मस्तिष्क को शांत करे रिलेक्स करे
क्योकि यही है "ड्रंकन-मंकी"इसको कबूं करना सबसे कठिन काम है,बस इसे शांत करना है,
अब आराम से गहरी साँस बिना किसी प्रयास के लीजिये और छोड़िये ध्यान सांसो की आवागमन पर
यह प्रक्रिया निरंतर चले जितनी भी देर तक सकते है,
इस पूरी प्रक्रिया में कमसे काम ६० मिनिट्स लगने चाहिए,
इसके बढ़ धीरे धीरे अपने शरीर को थोड़ा थोड़ा हिलाये अपनी हथेलियों को धीरे धीरे रगड़े,फिर इन हथेलियों को अपनी आँखों पर लगाए व् चेरे पर लगाए,
अपनी आंखे खोल ले
और महसूस करे फ्रेशनेस,शांति,तनावमुक्ति,प्रसन्नता,इत्यादि इत्यादि।।।।।
धीरे से खड़े हो जाएँ।
अब इसके बाद अपने अनभवों को पुनः महसूस करे,और इन्हे लिख डेल,
अब दिन प्रतिदी प्रगति होगी फर्क महसूस होगा लेकिन जब तक रोज के अनुभव लिखेंगे नहीं तब तक पता कैसे चलेगा की प्रगति हो रही है,
आज बस इतना है..
अगले सत्र में बात करेंगे सेल्फ हीलिंग पर जब तक तनाव मुक्त रहे,सबसे प्रेम करे,क्रोध न करे,शांत रहे,देखिये आपकी हर इच्छा अपने आप प्रकृति पूरी करती है,
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