Saturday, January 11, 2020

मोरल स्टोरी :सत्य व सहज जीवन


सहज,सरलत और सत्य ये तीन ऐसे गुण हैं जिन्हे हरेक व्यक्ति को पालन करने का प्रयास करना चाहिए   सरलता से पृथक होते ही यह जीवन कब में कष्टमय बन जाता है पता ही नहीं चल पाता जीवन हमेशा खुली किताब होना चाहिए जिसमे कुछ भी छुपाने को न हो, जैसे ही हम छुपाना शुरू करते है,वैसे ही दुनिया हमें शक की निगाह से देखना शुरू कर देती है हम सोचते है की लोगो को पता नहीं चलेगा जबकि लोगो को सब पता होता है लेकिन वो जाहिर नहीं करते कि वो सब जानते है,और आपकी मूर्खता,धूर्तता का मज़ा लेते है,साथ ही आपको एक झूठे व् मक्कार व्यक्ति की श्रेणी में डाल देते है, इसलिए ध्यान रखे  सहज व् सत्य जीवन का आधार है
. वैसे  सहजता में जीवन असाधारण होता है  और  सरलता के बगैर सत्य का सानिध्य नहीं मिलता।
मानव को सहज और सरल जीवन व्यतीत करने का अभ्यास करना चाहिए । पद और ज्ञान का दंभ जीवन को जटिलतम बनाता है। सहज और सरल जीवन के माध्यम से, प्रयास के बगैर ही  मंजिल सुगमता से मिल ही  है।

सत्य सहज है और सत्य का यथार्थ से संबंध है, सत्य बोलना कठिन नहीं है। जो वास्तविकता है उसे ही कहना ही सत्य है। सत्य पर चलने के लिए कुछ भी  जोड़ना-घटाना और गुणा-भाग नहीं करना पड़ता।
 झूठ बोलना इसके ठीक विपरीत ही होता है  क्योकि झूंठ में वो कहना व् करना पड़ता है जो  वास्तव में नहीं है, वही कहना पड़ता है जो  वास्तविकता से दूर  है।
संबंध की दीर्घता के लिए  सत्य सरल सेतु  का काम करता है,एक बात और  सत्य को कभी स्मरण नहीं रखना पड़ता क्योकि सत्य हमेशा स्वयं ही  स्मृति में रहता है।
जबकि झूठ को सदा स्मृति पटल पर बनाये रखना बड़ा कठिन होता है और इसी कारण  कभी न कभी कोई न कोई गलती हो ही जाती है जो अकारण हमें शक  के कटघरे में खड़ा कर देती है, झूठ को जितनी बार दोहराते हैं उतनी बार उसका अर्थ व् परिभाषा बदलती जाती  है।  झूठ जटिलताएं उत्पन्न करता है, जो मानसिक तनाव का कारण बनकर सरलता नष्ट करता  है। सरलता के बगैर सत्य का सानिध्य नहीं मिलता। जटिलता छोड़ने पर आनंद धारा फूट पड़ती है।इसलिए सत्य की राह पकड़ो,सरल बनो,सहज बनो जीवन सहज शांति मय बन जायेगा,






No comments: