Monday, February 3, 2020

मोटीवेशनल स्टोरी:Focus

विश्वास:फ़ोकस

जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये।
.
वहां पहुँचते  ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।

उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।

मादा हिरनी क्या करती ? वह प्रसव पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? क्या हिरनी जीवित बचेगी ? क्या वो अपने शावक को जन्म दे पायेगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ?

क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी के तीर से बच पायेगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?
वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ?

हिरनी अपने आप को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म देने में लग गयी। कुदरत का कारिष्मा देखिये। बिजली चमकी और तीर छोडते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते, शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाडता हुआ इधर उधर भागने लगा।और शिकारी, शेर को घायल ज़ानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया।

*हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई निर्णय नहीं ले पाते। तब सब कुछ नियति के हाथों सौंपकर अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत: यश, अपयश ,हार ,जीत, जीवन,मृत्यु का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।*

कुछ लोग हमारी *सराहना* करेंगे,
कुछ लोग हमारी *आलोचना* करेंगे।

दोनों ही मामलों में हम *फायदे* में हैं,

एक हमें *प्रेरित* करेगा और
दूसरा हमारे भीतर *सुधार* लाएगा

MOTIVATION :कन्फेशन: क्षमा कर दो/ क्षमा मांग लो आत्म-शुद्धि

जीवन के यात्रा है ये यात्रा थोड़ी कठिन है रस्ते दुर्गम है ,
यात्रा आराम दायक तभी होगी जब हमारे पास बोझा कम होगा ,
जैसे वायुयान से विदेश यात्रा में निर्धारित व् मान्य  वजन से अधिक हम नहीं ले जा सकते उसी तरह इस जीवन यात्रा में जितना वजन,बोझा काम होगा जीवन यात्रा उतनी ही निश्चिन्त व् आराम दायक होगी,
यहाँ बोझा हमारे दिमाग में होता है ,सम्बन्धो का बोझा,अच्छे बुरे कर्मो का बोझा ,पूर्व में की गई गलतियों का बोझा अब सवाल यह है की इस बोझे को काम कैसे किया जाये ?
आइये आज हम चर्चा करते है इस बोझे को कम करने के बड़े सरल उपायों की
*सबसे पहले पूर्व की भांति गहरी साँस ले और छोड़े
*शरीर को ढीला छोड़े
*मन को शांत करने का प्रयास करे
*ध्यान अपनी सांसो पर केंद्रित करे
*अब शुरू करते हैं :आपकी उम्र जो भी हो उसे विचार करे महसूस करे अपनी आयु को,
*अब धीरे धीरे विचार करे अपने पास्ट की घटनाओ को सोचिये यद् कीजिये किन किन घटनाओ ने आपको दुःख पोहुंचाया महसूस कीजिये उन घटनाओ को अपनी मानसिक स्तिथि हो ,अब उनलोगो को यद् कीजिये जिन्होंने आपको कष्ट पहुँचाया अब तुरंत उन्हें माफ़ कर दीजिये हृदय से थीं बार कहिये मुझे आ पने,आपके कृत्यों से मुझे बहुत कष्ट हुआ दुःख हुआ लेकिन मई आपको तहे दिल से माफ़ करता हूँ ऐसा महसूस करे वह व्यक्ति आपके सामने खड़ा है और आप उसके सामने से ममफ कर रहे है,अपने क्रोध,ईर्ष्या,बड़के की भावना ,उनका नुकसान होने की कामना,उनको कष्ट पौंछने की भावना को इस समय समाप्त  करते है,
महसूस कीजिये अपने आप को हल्का है मेहसूस कीजिये,
किसी को क्षमा करना सबसे कठिन काम है इसको करने वाले वीर होते है
इस क्रिया से मानसिक हल्का पैन तुरंत महसूस होता है आपकी परवर्ती बदलती है और आप एक बहुत ही संजीदे,धीर गंभीर व्यक्तित्व के धनि हो जाते है,
आज आपने उन सबको माफ़ कर दिया जिन्होंने आपको दुःख  पहंचाया
*थोड़ा सा विश्राम कर के फिर से अपने आप को संतुलित करे ,सांसो को ले बढ़ करे ,
अब याद  कीजिये उनको जिनको आपने मन,कर्म वचन से कष्ट पहुँचाया
अब उन सब से एक एक करके माफ़ी मांगिये
उनसे निवेदन कीजिये विचारो से आंख बंद करके की  जाने अनजाने में आपको कोई भी कष्ट पहूंचा हो उसके लिए में हृदय से क्षमा प्रार्थी हूँ,
अब महसूस कीजिये और हल्का पण,आज और बोझा काम हुआ
*अब आता है तीसरा और अंतिम उपाय
अब फिर आंख बंद करके ध्यान सांसो पर लगाइये और महसूस कीजिये आपके भगवन,आपके अल्लाह,आपके गुरु,या जीने भी आप सबसे अधिक मानते है महसूस कीजिये उन्हें सब मालूम है,वो सब जानते है,वो सब देखते है उन्होंने सब देखा है और वो आपके शुभचिंतक है और हमेशा आपका शुभ सोचते है और हमेश आपकी सुरक्षा करते है,
उनसे कहिये अपने क्या क्या गलतिया,जाने अनजाने में की है जिहे आपके अतिरिक्त कोई और नहीं जनता
एक एक बात उनके सामने खोल कर रख दीजिये और क्षमा मांगिये आगे से ऐसी गलती न करने का वचन भरिये,
आज बस इतना ही,---




















रिदमिक ब्रीथिंग फुल एक्सरसाइज़ क्रेश कोर्स

रिदमिक ब्रीथिंग 


       सूत्र एक   *12345....54321**21 आवृति दिन में दो बार 21 दिन।
  •  सूत्र दो ***पेट को अंदर की तरफ खींचते हुऐ दबाव देते हुए स्वांस को दोनों  नाक के रास्ते सामान्य गति से छोड़ना/फेंकना .......

       21 बार सामान्य तरीके से बहुत धीरे....
      21 बार मध्यम गति से ...
     फिर 21 बार तेज़ गति सुविधानुसार,सामर्थ्य-अनुसार बिना कोई जोर जबरदस्ती के....
      शुरू 5 दिन सिर्फ एक आवृति,यानि २१ बार साँस बाहार की ओर छोड़ना
      फिर तीन आवृति,
      फिर 5 आवृति,
      प्रति दिन जब तक रोग-दोष समाप्त न हो जाये,
      समाप्त होने के बाद धीरे धीरे वापस 3 आवृति नियमित करे।

  • सूत्र तीन : अनुलोम-विलोम ओनली एक्सेल
  • सूत्र चार  *1234....12 11 10....1रीढ़ की हड्डी में स्थिर शक्ति केंद्र बिंदु चक्र ,
  • सूत्र पांच  * हैमिंग "Hamming"
  • सूत्र छः  *ओ.........म...म...म का जाप 108 बार
  • सूत्र सात   **रिलेक्स रिलेक्स सिर से ले कर पाव तक
  • सेल्फ हीलिंग...*सर्वप्रथम सिर,*लंग्स*ह्रदय हार्ट*लीवर*किडनी*फिर वो अंग,ऑर्गन स्थान जहाँ तकलीफ ज्यादा है य जिसे हील करना चाहते है।
  • सम्पूर्ण शरीर,
  • सूत्र आठ   **कंफेशन... उन्हें माफ कर जिन्होंने आपको कष्ट पहुंचा या है,
  • सूत्र नौ  **उनसे माफी क्षमा प्रार्थना जिनको अपने कष्ट पहुंचाया है य आपके किसी भी कृत्य से किसी को कष्ट पहुंचा हो,जाने अनजाने,हो
  • सूत्र दस  ***क्लीनिंग...
  • सूत्र ग्यारह  अब***गोल्डन लाइट हीलिंग
  • सूत्र बारह  शांति वन: अंतर यात्रा उस सुरक्षित,शांत,स्थान की यात्रा, स्थान की खोज जहां जब चाहे आप पहुंच जाए जहाँ पूर्ण शांति हो. 

         जहां कोई भी आपकी अनुमति के बिना न आ सके.

      ****नेक्स्ट स्टेप एडवांस कोर्स,
         एक्टिवेशन ऑफ एनर्जी सेंटर्स चक्र बैलेंस 
क्रेश कोर्स समय ३ घंटे

मोटिवशंनल स्पीच:पूर्ण समर्पण य कठिन परिश्रम

मोटिवेशनल स्पीच 

प्रश्न :
क्या कठिन परिश्रम से ही सफलता मिल सकती है?
आज यहां हम बात करेंगे क्या कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है?

नियमित कठिन परिश्रम से प्रोडक्टिविटी कम हो जाती है साथ ही आउटपुट भी कम हो जाता है,
हार्ड वर्किंग और स्मार्ट वर्किंग में क्या अंतर है,
इस स्टेटमेंट को एक स्टोरी के माध्यम से आपको समझने की कोशिश करेंगे
 दो गरीब लकड़हारे  जिन्हे कई दिनों से कोई काम नहीं मिला था
अचानक उन्हें अचानक कोई जंगल का ठेकेदार मिलता है और उनको कहता है मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ काम है डॉन लकड़हारे बिना कुछ समझे बूझे काम करने को तैयार हो जाते है,
वह ठेकेदार मज़दूरी तय करता है और समय अवधि में काम पुर करने के लिए कुछ और राशि इनाम स्वरुप देने का आश्वासन देता है,
वह उन्हें अलग अलग जगह दो बड़े बड़े पेड़ दिखता है और उन्हें काटने का काम देता है दोनों पेड़ को देख कर  परेशान हो जाते है और सोच ते है इतने बड़े पेड़ को कैसे काटेंगे बहुत म्हणत लगेगी और समय सीमा में काम पूर्ण करना मुश्किल भी नज़र आता है,लेकिन मज़बूरी काम तो करना ही है क्योकि इसके अलावा और कोई चारा नहीं है,
समय अवधि सिर्फ ८ घंटे है काम कठिन है,,
दोनों अलग अलग स्थान पर जा कर अपने अपने काम में भिड़ जाते है
पहला व्यक्ति जाते ही अपने काम में भिड़ जाता है,पसीने पसीने होने लगता है थकने लगता है काम पुर करने की फ़िक्र लगा रहता है यहाँ तक खाना खाने का समय भी न ले कर समय अवधि मे अपना काम पूर्ण करने में लगा रहता है,
वही दूसरा व्यक्ति
जाकर अपने काम को देखता है,सोचता है काम तो कठिन है समय अवधि में पूर्ण होना न मुमकिन है,
वही पेड़ के नीचे बैठ  कर विचार करने लगता है पता नहीं अक़ब में उसका ध्यान लगता है और एक प्रेरणा होती है की इस छोटी सी कुल्हड़ी से इतने समय में काम पूरा करना असंभव लगता है,
प्रेरणा के अनुसार सबसे पहले वो अपनी कुल्हाड़ी की धार लगाने के लिए एक पत्थर पर अपनी कुल्हाड़ी को घिस घिस का रउस्की धार इतनी तेज़ कर लेता कि उस छोटी सी कुल्हाड़ी के एक ही वार से बड़ी से बड़ी टहनी हाल काट सकती है,परन्तु इस साडी प्रक्रिया में उसका आधा समय निकल गया इसी बीच उसके दूसरे  अपना  निबटा लिया था और इसने अभी अपना काम शुरू भी नहीं किया था।
अब जैसे ही पूर्ण ध्यान  काम शुरू किया वैसे ही उसकी तेज़ धार  कुल्हाड़ी के कारण  पूरा पेड़ कुछ ही समय  में कट गया और वो थका भी नहीं,
उसे पूरी मज़दूरी भी मिली इनाम भी मिला और वो थका भी नहीं,
दूसरी और इसका दूसरा साथी थक क्र चूर हो चूका था और उसका पेड़ भी पूरा काट न पाया जिसके कारन उसको आधी मज़दूरी ही मिल सकी वही दूसरे साथी को दो गुनी मज़दूरी मिली,
निष्कर्ष :इस  हमें क्या शिक्षा मिलती है

  • कठिन परिश्रम से सिर्फ आधी मज़दूरी ही मिल सकती है 
  • ध्यान से विचार करके काम करने से कम मेहनत से दुगनी मज़दूरी प्राप्त की जा सकती है, यही फर्क है,
  • कॉन्सियसली स्मार्टली विचार करके प्लानिंग करके अपनी INTUITION को सुनते हुए कार्य करने में अधिक सफलता मिलती है। 
  • सफल लोग वही कार्य अलग तरीके से करते है और असफल लोग सिर्फ बिना सोचे समझे मेहनत  करते है,नतीजा आपके सामने है,
  • हमारी काँशसनेस के कई लेवल होते है प्रथम स्तर पर कठिन परिश्रम सही है
  • जैसे जैसे हमारी कोंसियसन्स के लेवल में प्रगति होती वैसे वैसे काम करने का स्तर व तरीका भी बदल त जाता है,
  • यहां इन सब बातों से हमे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना है और अपना रास्ता चुनना है,
  • आज बस इतना है,

हीलिंग : गोल्डन लाइट हीलिंग


गोल्डन लाइट हीलिंग:

हमारे विचारो में इतनी शक्ति है इन विचारो की शक्ति से मिरेकल संपन्न  हो सकती  है. उन्ही विचारो की शक्ति से हम आपको सीखाने जा रहे है गोल्डन लाइट हीलिंग। वैसे सच पूंछे तो गोल्डन लाइट हीलिंग को यहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान दिया जा सकता है इसे करने के लिए बहुत अधिक प्रेक्टिस की आवश्यकता होती है अगर आप में इच्छा शक्ति है, ध्यान व् रेकी इत्यादि की अच्छी खासी प्रेक्टिस है तो इसका लाभ तुरंत हो ता है ये सब मेरा आज़माया हुआ है ,बस गोल्डन हीलिंग का बेसिक ही इस तरह से सीख कर इस का स्वाद चख सकते है,अनुभूति कर सकते है हाँ लेकिन एडवांस हीलिंग के लिए वन ऑन वन ट्रेनिंग व प्रैक्टिस आवश्यक है,
आइये शुरू करते है
सबसे पहले अपने लॉजिकल माइंड को एक किनारे पर रख दीजिये क्योकि कुछ चीजों को ज्ञान के धरातल पर सिद्ध नहीं किया जा सकता यहाँ तो बस अनुभूति का ही सारा खेल है,शब्दों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता
जैसे किसी जन्मजात दृष्टि हीन  व्यक्ति को दूध गुण  स्वाद व कहाँ से उत्तपत्ति होती है इत्यादि को शब्दों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता।
यानि जो भी व्यक्ति दूध को  पी कर ही उसका स्वाद समझ सकता है दूध के स्वाद को  उसे शब्दों से नहीं समझाया जा सकता।

  • इसी प्रकारइस गोल्डन लाइट हीलिंग को  सिर्फ अनुभव करना है एक्सप्लेन नहीं,
  • चलिए सीधे बैठ जाइये ,
  • अपनी बेक को सीधा रखिये
  • शरीर को रिलेक्स करिये
  • कंधे ढीले छोड़ दीजिये
  • गहरी लम्बी सांसे लीजिये और छोड़िये
  • दिमाग को रिलेक्स कीजिये
  • शरीर और दिमाग को रिलेक्स करने में कम से काम 10  से 20 मिनिट लग जाते है,
  • अब महसूस कीजिये
  • गोल्डन लाइट आपके सर के ऊपर से आ रही है,
  •  धीरे धीरे इस गोल्डन लाइट ने आपके पुरे  कवर कर लिया है 
  • यह लाइट आपके रोम रोम में समाहित कर शरीर के छोटे छोटे अंग प्रत्यंग में जा कर इनर्जी भर रही है,
  • यह लाइट रोम रोम में शक्ति का संचार कर रहा है ,
  • सर से लेकर पैरो  तक पू रे शरीर में शक्ति का संचार कर साऱी की साऱी कमियां पूरी कर शुद्ध कर  संचार कर आपको रिलेक्स कर के धीरे धीरे पैरो के रास्ते धरती में समाहित हो रही है,
  • आप बिलकुल हलके हो गए सरे तनाव सारे दर्द दूर हो गए ,
  • थोड़ी देर ऐसे ही बैठे फिर धीरे धीरे अपनी आँखे खोलिये और सबसे पहले अपने हाथो का दर्शन कीजिये 
  • और वापस आ जाइये ,
  • इस प्रकार गोल्डन लाइट हीलिंग  सम्पन हुई,
  • ध्यान रखे यह मात्र इंट्रोडक्शन  है,
  • वैसे यह बहुत ही गहरा विषय है और इसके द्वारा बड़ी से बड़ी बीमारी समस्या दूर की जा ससक्ति है,
  • इसे किसी योग्य गुरु के सानिध्य में सीखे व् प्रेक्टिस करे निश्चित लाभ होगा,






























हीलिंग:विजिटिंग ऑफ़ सीक्रेट प्लेस

इस दुनियां में सब कुछ एनर्जी है इस एनर्जी से पैदा होती है विभिन्न प्रकार की फ़्रिक्वेन्सी ,और यही फ़्रीक्वेन्सी पुनः पैदा कर सकती है मेटर सुनने में यह स्टेटमेंट विश्वास योग्य नहीं लग रहा होगा,चलिए चर्च करते है इसकी सत्यता पर विषय इतना बड़ा है की इसपर चर्चा करने में कई दिन लग सकते है,हम इसे काट शार्ट करते हुए चर्चा करते है अपने विचारो एवं  कल्पना शक्ति के विकास से कुछ प्रयोग करते है जिसकी अनुभूति आपको अभी इसी समय होगी बस आपको यहाँ बताये हुए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करना है और अपने लॉजिकल माइंड को एक तरफ रखना है बस  जैसा कहा जाये वैसा ही करते जाये अंत में अनुभूति आपको होगी जो स्वयं सिद्ध करेगी इस क्रिया की ऑथेंटिसिटी
आइये तो शुरू करते है:

  • सब पहले अपना मन पसंद इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक मध्यम वॉल्यूम में चला दे 
  • अब कही शांति की आराम देह जगह पर बैठ जाये जहाँ कोई भी आपको डिस्टर्ब न करे 
  • अपनी आँखों को बंद कर ले अगले इंस्ट्रक्शन तक आंखे नहीं खोलना है 
  • अपना सेल फ़ोन स्विच ऑफ कर दे 
  • अब अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठ जाये 
  • शरीर को ढीला छोड़ दे 
  • अपने कंधो को ढीला छोड़ दे 
  • पूरे शरीर को रिलेक्स करे 
  • सर से  लेकर पाँव तक अपने मन की आँखों से देखे  
  • अब गहरी सांसे लीजिये और छोड़िये पुर ध्यान आने व् जाने वाली साँस पर 
  • दिमाग में आने वाले विचारो को सिर्फ देखे बस उनसे बात न करे बस साक्षी भाव से देखते रहे 
  • जैसे  देखते है 
  • यह क्रिया कमसे काम 10 से 15 मिनिट तक करनी है 
  • अब तक आपका दिमाग शांत होगया होगा 
  • इसे टेस्ट  करते है एक हाथ से दूसरे हाथ को हलके से पकड़ ले और कल्पना करे अब आप अपने हाथ को छुड़ा नहीं पा रहे है पूरा ज़ोर लगाने के बाद भी हाथ छुड़ा नहीं पा रहे है, 
  • बस तैयार हो जाइये हम चल रहे है एक सीक्रेट जगह ;आप अपनी कार में बैठ गए कार चल दी करीब 45 मिनिट के बाद आपकी कार एक बड़े महल के गेट पर आ कर रूकती है इस महल का दरबान आपकी गाड़ी का दरवाज़ा खोलता है और बड़ी आत्मीयता से आपका स्वागत करते हुए मुख्य द्वार खोलता है,
  • यह दरवाज़ा बहुत ही सुन्दर लकड़ी का बना है ,बहुत बड़ा है,लकड़ी  सुंदे नक्काशी है ,पीतल के  चमकते हुए हैंडिल लगे है दरवाज़ा अंदर की और खुलता है,
  • अंदर बहुत ही अच्छी फूलो की खुशबु आपको प्रफुल्लित कर देती है हलकी रंगीन लाइट्स आपका मन मोह लेती है ऐसी सुंदे जगह पहले अपने नहीं देखी ,न ही ऐसी मनमोहक खुशबु पहले आपको सूंघने को मिली ये खुशबु व् हल्का संगीत आपको पूरी तरह से हिप्नो टाईज़ कर रहा है और आप अपनी सूद बुध खो बैठे है,
  • दरवाज़े के अंदर घुसते ही एक बड़ा हाल वे है जिसमे से आप गुज़र रहे है 
  • सामने सीडिया है जो नीचे की और जा रही है 
  • आप सीढ़ियों पर पहुँच गए सीढ़ियों से उतरना शुरू किया 
  • १५,१४,१३,१२,११,१०,९,८,७,६,५,४,३,२,१  
  • इसके  बाद जो नज़ारा आपको देखने को मिलता है वो आपकी कल्पना से परे है 
  • बहुत सूंदर फलो से लदे वृक्ष सुंदर फ़ूलो की खुशबू हरी मुलायम घांस ,चारो तरफ फूलो से लदी बेले 
  • सूंदर रास्ते जहाँ तक नज़र जा रही है वहां तक सूंदर वन पूर्ण व्यवस्थित वन 
  • सामने एक स्वच्छ पानी की झील उसमे सूंदर कमल व् अन्य सुंदर फूल फूल इतने बड़े जिन्हे आपने पहले कभी देखा ही नहीं,
  • सामने दूर अनेको सूंदर चमकीले जानवर सभी प्रकार के बस सब एक साथ बड़े प्रेम से खेल रहे है कोई भी जानवर एक दूसरे से भयभीत नहीं है.
  • नीले और स्वच्छ आसमान में अनेको सुन्दर पक्षी उड़  रहे है,रंग बिरंगी तितलियाँ 
  • अब आप घूमते घूमते ज़हील के पास पहुँच ते है झील का सूंदर व् स्वच्छ पानी आपको पानी पीने को मजबूर कर देता है,
  • आप सीढ़ियों पर बैठते है अपने हाथ बढ़ा ते है हाथो में पानी बार कर अपने मुँह में ले जाते है वैसे ही आपके शरीर में एक नै चेतना स्फूर्ति का संचार होता है सहरीर अचानक हल्का होने लगता है मन में इतनी प्रस्सनता और ख़ुशी आती है जिसका आपको अंदाज़ भी कभी नहीं था ,पानी का स्वाद भी इतना स्वादिष्ट  जिसको शब्दों में बयां नहीं कर सकते,सरे दुःख दर्द चिंता फ़िक्र सब इसी क्षण गायब हो गई आपकी प्रसन्न्ता का कोई ठिकाना ही नही ऐसी अनुभूति पहले कभी नहीं हुई ,
  • अब अपने महसूस किया की आप इतने हलके हो गए हो कि अब आप आसानी से उड़ सकते हो 
  • आप अचानक उड़ते हो और जेएल में लगे सूंदर फूल में जा जार बैठ जाते हो,इस स्वे आपको स्वर्गिक आनंद की अनुभूति होती है,आप भू जाते हो की आप सामान्य इंसान न हो कर विशेष शक्तियों से पूर्ण एक अलग प्राणी हो जिसे कोई दुःख दर्द गम चिंता इत्यादि से परे हो,पूर्ण संतुस्ट पूर्ण सुखी पूर्ण सम्पूर्ण अब आपकी कोई इच्छा ही शेष नहीं है,
  • अब आप फूल्स उड़ कर इस कल्पना लोक के सुंदर वन में उड़ रहे हो विचित्र जानवर विचित्र पक्षी विचत्र फूल विचित्र फलो का दर्शन करते हो,जो फल खान चाहो खा सकते हो जिनके कहते ही पूर्ण संतुस्ती की अनुभूति होती है,
  • अब अब आकाश में निर्विग्न उड़ रहे हो, ऊपर से इस विशाल वन,पहाड़ बर्फ के पहाड़ ढंडी हवाओ की अनुभूति कर ते हो,पुर आनंद में रहते हुए प्रस्सनता का अनुबह्व करते हो आपको पता ही नहीं कहला कब में शाम होने लगी और कब में 8 -10 घंटे इस वन में व्यतीत हो गए 
  • ढलता सूरज देखते आप नीचे उतरते हो उतरते ही एक अति सुन्दर परी आपके स्वागत में खड़ी है,आपका बड़ी गर्म जोशी से स्वागत करते हुए आपके अनुभव की चर्चा करते हुए आपसे कोई भी एक इच्छा पूरी करने का वचन देते हुए कुछ सीक्रेट गिफ्ट देती है,
  •  अब आप वापस चलते है रास्ते से सीढ़ियों पर चढ़ते है दरवाज़ा पुनः खुलता है  दरबान  मुस्कुरा कर आपकी गाड़ी का दरवाज़ा खोलता है आप अपनी कार में बैठते हो और अपने घर वापस आ जाते हो,
  • अब आप धीरे धीरे  चेतना को वापस लाओ धीरे धीरे अपनी आंखे खोलो सबसे पहले अपने हाथो की लकीरो का दर्शन करो इस अनुभव ,अनुभति का धन्यवाद करिये 
  • अब ईमानदारी से बताइये आप कैसा  फील कर रहे है, 
  • इस अनुभूति को शब्दों में बयां नहीं कर सकते ,
  • पूर्ण आनंद के लिए हमारे कोर्स को ज्वाइन करे और इस अनुभूति का लाभ उठाये,
  • ये प्रक्रिया हमने आपको सीखा दी लेकिन बिना किसी गुरु के पूर्ण अनुभूति संभव नहीं है क्योकि इसके लिए कठिन व् नियमित अभ्यास के बिना ये सब सिद्ध नहीं हो पाती,
  • कठिन व् नियमित प्रयास से कुछ भी असंभव नहीं है, 
  • आज बस इतना है,अगले सत्र में आपको और कुछ अच्छा सिखाएंगे जब तक के लिए खुश रहिये प्रस्सन रहिये।