गोल्डन लाइट हीलिंग:
हमारे विचारो में इतनी शक्ति है इन विचारो की शक्ति से मिरेकल संपन्न हो सकती है. उन्ही विचारो की शक्ति से हम आपको सीखाने जा रहे है गोल्डन लाइट हीलिंग। वैसे सच पूंछे तो गोल्डन लाइट हीलिंग को यहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान दिया जा सकता है इसे करने के लिए बहुत अधिक प्रेक्टिस की आवश्यकता होती है अगर आप में इच्छा शक्ति है, ध्यान व् रेकी इत्यादि की अच्छी खासी प्रेक्टिस है तो इसका लाभ तुरंत हो ता है ये सब मेरा आज़माया हुआ है ,बस गोल्डन हीलिंग का बेसिक ही इस तरह से सीख कर इस का स्वाद चख सकते है,अनुभूति कर सकते है हाँ लेकिन एडवांस हीलिंग के लिए वन ऑन वन ट्रेनिंग व प्रैक्टिस आवश्यक है,
आइये शुरू करते है
सबसे पहले अपने लॉजिकल माइंड को एक किनारे पर रख दीजिये क्योकि कुछ चीजों को ज्ञान के धरातल पर सिद्ध नहीं किया जा सकता यहाँ तो बस अनुभूति का ही सारा खेल है,शब्दों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता
जैसे किसी जन्मजात दृष्टि हीन व्यक्ति को दूध गुण स्वाद व कहाँ से उत्तपत्ति होती है इत्यादि को शब्दों से संतुष्ट नहीं किया जा सकता।
यानि जो भी व्यक्ति दूध को पी कर ही उसका स्वाद समझ सकता है दूध के स्वाद को उसे शब्दों से नहीं समझाया जा सकता।
- इसी प्रकारइस गोल्डन लाइट हीलिंग को सिर्फ अनुभव करना है एक्सप्लेन नहीं,
- चलिए सीधे बैठ जाइये ,
- अपनी बेक को सीधा रखिये
- शरीर को रिलेक्स करिये
- कंधे ढीले छोड़ दीजिये
- गहरी लम्बी सांसे लीजिये और छोड़िये
- दिमाग को रिलेक्स कीजिये
- शरीर और दिमाग को रिलेक्स करने में कम से काम 10 से 20 मिनिट लग जाते है,
- अब महसूस कीजिये
- गोल्डन लाइट आपके सर के ऊपर से आ रही है,
- धीरे धीरे इस गोल्डन लाइट ने आपके पुरे कवर कर लिया है
- यह लाइट आपके रोम रोम में समाहित कर शरीर के छोटे छोटे अंग प्रत्यंग में जा कर इनर्जी भर रही है,
- यह लाइट रोम रोम में शक्ति का संचार कर रहा है ,
- सर से लेकर पैरो तक पू रे शरीर में शक्ति का संचार कर साऱी की साऱी कमियां पूरी कर शुद्ध कर संचार कर आपको रिलेक्स कर के धीरे धीरे पैरो के रास्ते धरती में समाहित हो रही है,
- आप बिलकुल हलके हो गए सरे तनाव सारे दर्द दूर हो गए ,
- थोड़ी देर ऐसे ही बैठे फिर धीरे धीरे अपनी आँखे खोलिये और सबसे पहले अपने हाथो का दर्शन कीजिये
- और वापस आ जाइये ,
- इस प्रकार गोल्डन लाइट हीलिंग सम्पन हुई,
- ध्यान रखे यह मात्र इंट्रोडक्शन है,
- वैसे यह बहुत ही गहरा विषय है और इसके द्वारा बड़ी से बड़ी बीमारी समस्या दूर की जा ससक्ति है,
- इसे किसी योग्य गुरु के सानिध्य में सीखे व् प्रेक्टिस करे निश्चित लाभ होगा,
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