Monday, February 3, 2020

MOTIVATION :कन्फेशन: क्षमा कर दो/ क्षमा मांग लो आत्म-शुद्धि

जीवन के यात्रा है ये यात्रा थोड़ी कठिन है रस्ते दुर्गम है ,
यात्रा आराम दायक तभी होगी जब हमारे पास बोझा कम होगा ,
जैसे वायुयान से विदेश यात्रा में निर्धारित व् मान्य  वजन से अधिक हम नहीं ले जा सकते उसी तरह इस जीवन यात्रा में जितना वजन,बोझा काम होगा जीवन यात्रा उतनी ही निश्चिन्त व् आराम दायक होगी,
यहाँ बोझा हमारे दिमाग में होता है ,सम्बन्धो का बोझा,अच्छे बुरे कर्मो का बोझा ,पूर्व में की गई गलतियों का बोझा अब सवाल यह है की इस बोझे को काम कैसे किया जाये ?
आइये आज हम चर्चा करते है इस बोझे को कम करने के बड़े सरल उपायों की
*सबसे पहले पूर्व की भांति गहरी साँस ले और छोड़े
*शरीर को ढीला छोड़े
*मन को शांत करने का प्रयास करे
*ध्यान अपनी सांसो पर केंद्रित करे
*अब शुरू करते हैं :आपकी उम्र जो भी हो उसे विचार करे महसूस करे अपनी आयु को,
*अब धीरे धीरे विचार करे अपने पास्ट की घटनाओ को सोचिये यद् कीजिये किन किन घटनाओ ने आपको दुःख पोहुंचाया महसूस कीजिये उन घटनाओ को अपनी मानसिक स्तिथि हो ,अब उनलोगो को यद् कीजिये जिन्होंने आपको कष्ट पहुँचाया अब तुरंत उन्हें माफ़ कर दीजिये हृदय से थीं बार कहिये मुझे आ पने,आपके कृत्यों से मुझे बहुत कष्ट हुआ दुःख हुआ लेकिन मई आपको तहे दिल से माफ़ करता हूँ ऐसा महसूस करे वह व्यक्ति आपके सामने खड़ा है और आप उसके सामने से ममफ कर रहे है,अपने क्रोध,ईर्ष्या,बड़के की भावना ,उनका नुकसान होने की कामना,उनको कष्ट पौंछने की भावना को इस समय समाप्त  करते है,
महसूस कीजिये अपने आप को हल्का है मेहसूस कीजिये,
किसी को क्षमा करना सबसे कठिन काम है इसको करने वाले वीर होते है
इस क्रिया से मानसिक हल्का पैन तुरंत महसूस होता है आपकी परवर्ती बदलती है और आप एक बहुत ही संजीदे,धीर गंभीर व्यक्तित्व के धनि हो जाते है,
आज आपने उन सबको माफ़ कर दिया जिन्होंने आपको दुःख  पहंचाया
*थोड़ा सा विश्राम कर के फिर से अपने आप को संतुलित करे ,सांसो को ले बढ़ करे ,
अब याद  कीजिये उनको जिनको आपने मन,कर्म वचन से कष्ट पहुँचाया
अब उन सब से एक एक करके माफ़ी मांगिये
उनसे निवेदन कीजिये विचारो से आंख बंद करके की  जाने अनजाने में आपको कोई भी कष्ट पहूंचा हो उसके लिए में हृदय से क्षमा प्रार्थी हूँ,
अब महसूस कीजिये और हल्का पण,आज और बोझा काम हुआ
*अब आता है तीसरा और अंतिम उपाय
अब फिर आंख बंद करके ध्यान सांसो पर लगाइये और महसूस कीजिये आपके भगवन,आपके अल्लाह,आपके गुरु,या जीने भी आप सबसे अधिक मानते है महसूस कीजिये उन्हें सब मालूम है,वो सब जानते है,वो सब देखते है उन्होंने सब देखा है और वो आपके शुभचिंतक है और हमेशा आपका शुभ सोचते है और हमेश आपकी सुरक्षा करते है,
उनसे कहिये अपने क्या क्या गलतिया,जाने अनजाने में की है जिहे आपके अतिरिक्त कोई और नहीं जनता
एक एक बात उनके सामने खोल कर रख दीजिये और क्षमा मांगिये आगे से ऐसी गलती न करने का वचन भरिये,
आज बस इतना ही,---




















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